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Kathgarh Mahadev Mandir: हिमाचल के काटगढ़ में दो हिस्सों में बंटा शिवलिंग, महाशिवरात्रि पर होता है मिलन, जबलपुर में दूल्हा-दुल्हन रूप में विराजते हैं शिव-पार्वती

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा स्थित काटगढ़ महादेव मंदिर और मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित चौसठ योगिनी मंदिर की अद्भुत पौराणिक मान्यताओं को दर्शाया गया है. काटगढ़ महादेव मंदिर में शिवलिंग दो भागों में विभाजित है, जिन्हें शिव और माता पार्वती का स्वरूप माना जाता है. मान्यता है कि जन्माष्टमी से महाशिवरात्रि तक ग्रह-नक्षत्रों की चाल और मौसम के बदलाव से यह शिवलिंग आपस में मिलता है और महाशिवरात्रि के दिन जुड़ जाता है. इस धाम का संबंध त्रेता युग में राजा भरत से लेकर सिकंदर और महाराजा रणजीत सिंह तक से जोड़ा जाता है. इसके अलावा जबलपुर के गोलगी मठ (चौसठ योगिनी मंदिर) में भगवान शिव और माता पार्वती नंदी पर सवार होकर दूल्हा-दुल्हन के साकार रूप में विराजते हैं, जहां नवविवाहित जोड़े अखंड सौभाग्य का वरदान मांगने आते हैं.