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Navratri 2025: मां कालरात्रि की उपासना से पाएं भय-शत्रु से मुक्ति, शनि भी होंगे शांत!

प्रार्थना हो स्वीकार कार्यक्रम में नवरात्रि के सातवें दिन माँ कालरात्रि की उपासना पर चर्चा हुई. मां कालरात्रि आदिशक्ति का सातवां स्वरूप हैं, जो भयंकर होते हुए भी भक्तों के लिए शुभ फलदायी हैं. इनकी उपासना से सभी कष्ट और भय दूर होते हैं, तथा साहस और शक्ति प्राप्त होती है. इनकी पूजा से जीवन की बाधाएँ समाप्त होती हैं. मां कालरात्रि नवदुर्गा का स्वरूप हैं, जबकि मां काली 10 महाविद्याओं का रूप हैं, यह अंतर स्पष्ट किया गया. "मां कालरात्रि का स्वरूप दिखने में बेहद भयावह है लेकिन ये हमेशा ही शुभ फल देता है. इसलिए इनका एक नाम है शुभम कारी" इनकी पूजा से शनि ग्रह से संबंधित परेशानियाँ और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं. रक्तबीज राक्षस का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने कालरात्रि का अवतार लिया था. पूजा विधि और विशेष भोग की जानकारी भी दी गई.