महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का विशेष महत्व है. इस कार्यक्रम में बताया गया है कि महाशिवरात्रि की रात चार प्रहर की पूजा करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है. 'चार प्रहर की पूजा संध्या काल से शुरू होकर ब्रह्म मुहूर्त तक चलती है, जिसमें दूध, दही, घी और शहद से महादेव का अभिषेक किया जाता है.' पहले प्रहर में दूध, दूसरे में दही, तीसरे में घी और चौथे प्रहर में शहद अर्पित करने का विधान है. इसके अलावा, रोजगार, धन प्राप्ति और कर्ज मुक्ति के लिए विशेष मंत्रों और उपायों की जानकारी दी गई है. कुंभ राशि में बन रहे विशेष राजयोगों के कारण इस बार की शिवरात्रि तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए अत्यंत फलदायी मानी जा रही है.