वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली मोहिनी एकादशी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप और प्रभु श्री राम की उपासना की जाती है। मान्यता है कि मोहिनी एकादशी का व्रत करने से इंसान को मोह-माया और जीवन के तमाम कष्टों से मुक्ति मिलती है। समुद्र मंथन के दौरान असुरों को अमृत पीने से रोकने के लिए भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था। इस दिन सायं काल से ही भोजन का त्याग कर देना चाहिए और व्रत के दौरान अन्न ग्रहण करने से बचना चाहिए। फलाहार, दूध और जल का सेवन किया जा सकता है। मोहिनी एकादशी पर श्री राम को पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करने से मर्यादा और रक्षा का वरदान मिलता है। इसके अलावा, हल्दी की गांठ और पीले फलों का दान करने से धन लाभ के योग बनते हैं। शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन दान नहीं करना चाहिए, बल्कि अगले दिन द्वादशी को अन्न और दक्षिणा का दान करना उत्तम माना जाता है।