उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर भगवान नागचंद्रेश्वर का पावन मंदिर स्थित है. इस मंदिर के कपाट वर्ष में केवल एक बार नाग पंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंदिर में नागराज तक्षक विराजमान रहते हैं. यहाँ भगवान शिव और माता पार्वती की दस फनों वाले नाग की शैया पर विराजी दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है. सावन सोमवार और नाग पंचमी के विशेष संयोग पर महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं. इस दिन मंदिर में त्रिकाल पूजा की परंपरा निभाई जाती है. मान्यता है कि यहाँ पूजन से कालसर्प योग, शनि, राहु-केतु और ग्रह दोषों का निवारण होता है. इसके साथ ही काशी के जैतपुरा स्थित प्राचीन नाग कूप पर भी नाग पंचमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिसका संबंध नागलोक और महर्षि पतंजलि की तपस्या से माना जाता है.