'हिंदू धर्म शास्त्र के मुताबिक हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है.' यह व्रत विशेष रूप से संतान की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और जीवन के संकटों को दूर करने के लिए समर्पित है. कार्यक्रम में माघ महीने की चतुर्थी, जिसे तिल चतुर्थी भी कहा जाता है, के पूजन विधान और लाभों का विस्तार से वर्णन किया गया.