हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीन साल में एक बार अधिक मास आता है, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। इस साल अधिक मास होने के कारण 24 की जगह कुल 26 एकादशी तिथियां पड़ रही हैं। अधिक मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पद्मिनी या कमला एकादशी कहा जाता है। इस बार पद्मिनी एकादशी 27 मई को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने का विशेष विधान है। ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, पद्मिनी एकादशी का व्रत करने और विशेष उपाय करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। इस दिन निसंतान दंपतियों द्वारा भगवान कृष्ण की पूजा करने से संतान सुख मिल सकता है। साथ ही, शीघ्र विवाह, नौकरी और कारोबार में धन लाभ के लिए भी कई महाप्रयोग बताए गए हैं। एकादशी के दिन अन्न, वस्त्र, तांबे, गुड़, तिल और जल का दान करने से राहु-केतु की बाधाएं दूर होती हैं और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।