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Parivartini Ekadashi: भाद्रपद में परिवर्तिनी एकादशी पर योग निद्रा में करवट बदलते हैं भगवान विष्णु, ऐसे करें पूजा

भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी, पद्मा एकादशी या वामन एकादशी कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चातुर्मास के दौरान शेष शैया पर शयन कर रहे भगवान विष्णु इस पावन तिथि पर योग निद्रा में पार्श्व यानी करवट बदलते हैं. इस दिन श्रीहरि के वामन स्वरूप, माता लक्ष्मी और गणेश उत्सव के चलते भगवान गणेश की उपासना का विशेष विधान है. इस तिथि पर व्रत रखने से जाने-अनजाने हुए पापों का नाश होता है और साधक को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है. पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित किए जाते हैं, जबकि गणेश जी को मोदक और दुर्वा चढ़ाई जाती है. संतान और आर्थिक बाधाओं के निवारण के लिए भी इस दिन विशेष ज्योतिषीय उपाय और मंत्र जप किए जाते हैं. इसके साथ ही जरूरतमंदों को अन्न, जल, वस्त्र, जूते या छाते का दान करने का बड़ा महात्म्य बताया गया है.