पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के श्राद्ध और तर्पण के साथ मां लक्ष्मी की कृपा पाने के विशेष उपायों का उल्लेख किया गया है. कार्यक्रम के अनुसार, जिन लोगों पर पितृपक्ष या श्राद्ध कर्म का प्रत्यक्ष बंधन नहीं है, वे मां लक्ष्मी की विशेष आराधना कर धन संबंधी समस्याओं से मुक्ति पा सकते हैं. नियमित धन प्राप्ति के लिए मां लक्ष्मी के उस स्वरूप की पूजा का विधान बताया गया है जिसमें उनके हाथों से धन गिर रहा हो. वहीं धन की बचत के लिए अन्न की ढेरी और चांदी के सिक्के का प्रयोग तथा कारोबार में लाभ के लिए गजलक्ष्मी स्वरूप के समक्ष तीन घी के दीपक और गुलाब अर्पित करने का उपाय बताया गया है. इसके अलावा नौकरी में तरक्की के लिए गणेश-लक्ष्मी की स्थापना और अष्टगंध के प्रयोग का सुझाव दिया गया है. पितरों की तृप्ति के लिए गोग्रास, तिलोदक तर्पण और हवन को भी कल्याणकारी बताया गया है.