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Hanuman Ji का पराक्रम: लंका दहन, संजीवनी बूटी और महाभारत में योगदान

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंत श्रीवास्तव ने हनुमान जी की बुद्धि, बल और श्री राम के प्रति उनकी अटूट भक्ति पर चर्चा की. रामायण के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कैसे जामवंत जी ने हनुमान जी को उनकी शक्तियों का स्मरण कराया. लंका दहन का मुख्य उद्देश्य रावण को प्रभु राम की शक्ति का परिचय देना था. लक्ष्मण जी के मूर्छित होने पर रातों-रात संजीवनी बूटी लाना उनके अकल्पनीय पराक्रम को दर्शाता है. मेघनाद के ब्रह्मास्त्र का सम्मान करते हुए हनुमान जी का बंधना उनकी सूझबूझ का प्रमाण था. कार्यक्रम में बताया गया कि हनुमान जी ने नागपाश से राम-लक्ष्मण को मुक्त कराने के लिए गरुड़ जी को बुलाया और महाभारत युद्ध में अर्जुन के रथ की रक्षा की. माता सीता द्वारा दी गई मोतियों की माला को तोड़कर हनुमान जी ने सिद्ध किया कि उनके हृदय में केवल सियाराम का वास है.