भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र का प्रयोग सबसे कारगर उपाय माना जाता है। बेलपत्र की तीन पत्तियां शिवजी के तीनों नेत्रों का प्रतीक मानी जाती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बिना बेलपत्र के शिवजी की पूजा अधूरी मानी जाती है। बेलपत्र अर्पण करने से विवाह में बाधा, संतान प्राप्ति और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिल सकती है। इसके अलावा, बेलपत्र के कई औषधीय प्रयोग भी हैं, जो डायबिटीज, खांसी, सिरदर्द और पेट से जुड़े रोगों में राहत दिलाते हैं। शिव पूजन के दौरान कटा-फटा बेलपत्र न चढ़ाने और जल के साथ ही इसे अर्पित करने का विधान है।