सनातन धर्म में अग्नि को पंच महाभूतों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। यह देवताओं और मनुष्यों के बीच संपर्क का मुख्य माध्यम मानी जाती है। विज्ञान के अनुसार भी पृथ्वी के ठंडे होने पर ही जीवन की शुरुआत हुई थी। अग्नि का प्रयोग हवन, दीप और चूल्हे के रूप में किया जाता है। इसके सही प्रयोग से जीवन की कई समस्याएं दूर हो सकती हैं, लेकिन इसका अपमान करने से बचना चाहिए। इसके अलावा, मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में स्थित पचेटी माता का मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां भक्त विवाह, नौकरी, संतान और जमीन से पानी निकालने जैसी मनोकामनाओं के लिए आते हैं। मंदिर में माता की मूर्ति पर नारियल का टुकड़ा (चटक) लगाया जाता है। अगर वह टुकड़ा नीचे गिर जाता है, तो इसे माता का 'पट्टा' या आशीर्वाद माना जाता है, जिसका अर्थ है कि भक्त की मनोकामना अवश्य पूरी होगी।