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शिव के आंसुओं से हुई रुद्राक्ष की उत्पत्ति! जानिए 1 से 14 मुखी रुद्राक्ष के लाभ और धारण करने के नियम

गुड न्यूज टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में भगवान शिव के प्रिय रुद्राक्ष की महिमा और महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई है। धर्म शास्त्रों और शिव पुराण के अनुसार, रुद्राक्ष की उत्पत्ति भगवान शिव के अश्रुओं से हुई मानी जाती है। कार्यक्रम में एक मुखी से लेकर चौदह मुखी रुद्राक्ष की विशेषताओं, उनके औषधीय व आध्यात्मिक लाभों के बारे में बताया गया है। इसके अलावा, रुद्राक्ष धारण करते समय रखी जाने वाली सावधानियों, जैसे सात्विकता का पालन करना, मांस-मदिरा का सेवन न करना और इसे सही विधि से धारण करने के नियमों की जानकारी दी गई है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, सही रुद्राक्ष धारण करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनि ग्रह से जुड़े कष्टों और बाधाओं से भी राहत मिलती है। इसमें असली और नकली रुद्राक्ष की पहचान करने के आसान तरीके भी बताए गए हैं।