चैत्र रामनवमी के अवसर पर ज्योतिषाचार्यों में तिथि को लेकर अलग-अलग मत हैं। प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य पंडित दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, चैत्र शुक्ल पक्ष नवमी तिथि का आरंभ 26 मार्च दिन बृहस्पतिवार को दोपहर 2 बजे के बाद से हो रहा है जो 27 मार्च दिन शुक्रवार को दोपहर 12:02 तक व्याप्त रहेगा। कर्क लग्न दोपहर 12:45 से 2:50 के मध्य प्राप्त हो रहा है। पंडित त्रिपाठी के अनुसार, रामनवमी का जन्मोत्सव 26 मार्च को 12:45 से 2:50 के बीच कर्क लग्न में मनाना चाहिए। इस दिन नवरात्र का अंतिम दिन भी है जब मां सिद्धिदात्री की उपासना की जाती है। माना जाता है कि मां सिद्धिदात्री की विधिवत उपासना से संपूर्ण नवरात्रि का फल मिल सकता है। ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि इस दिन मध्याह्न काल में भगवान राम की पूजा अर्चना करनी चाहिए और मां सिद्धिदात्री के मंत्रों का जाप करना चाहिए।