scorecardresearch

Rudraksha Benefits: शनि की साढ़ेसाती और ढैया को दूर करेगा रुद्राक्ष, मिलेगी शिव की कृपा, जानें इसे पहनने के अचूक नियम और उपाय

गुड न्यूज़ टुडे (GNT) के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में रुद्राक्ष के धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। भगवान शिव के आंसुओं से उत्पन्न रुद्राक्ष को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख स्रोत माना गया है। यह शनि देव के प्रकोप, साढ़ेसाती और ढैया जैसी समस्याओं को दूर करने में अत्यंत लाभकारी है। कार्यक्रम में बताया गया कि मेष राशि के लिए 11 मुखी, वृषभ राशि के लिए 10 मुखी और कर्क राशि के लिए एक मुखी रुद्राक्ष पहनना अनुकूल होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, रुद्राक्ष को सोना, चांदी या तांबे के साथ लाल अथवा पीले धागे में धारण करना चाहिए। इसे पूर्णिमा, अमावस्या या सोमवार के दिन पहनना शुभ माना गया है। इसके अलावा, रुद्राक्ष धारण करने के विशेष नियम भी बताए गए हैं, जैसे सोते समय इसे उतार देना चाहिए और विवाहित महिलाओं को इसे पहनने से बचना चाहिए। साथ ही, सूर्योपासना के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ का महत्व भी समझाया गया है।