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Sanatan Dharma की 7 मोक्षदायिनी पुरियां, जानें अयोध्या, काशी और उज्जैन का पौराणिक महत्व

सनातन धर्म में मानव जीवन का अंतिम लक्ष्य मोक्ष माना गया है. शास्त्रों में मोक्ष प्राप्ति के कई साधन बताए गए हैं, जिनमें से एक है 'सप्तपुरी' की यात्रा. ये सात पवित्र नगरियां हैं - अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांचीपुरम, उज्जैन और द्वारका. मान्यता है कि देवों से जुड़ी ये प्राचीन नगरियां साक्षात मोक्ष का द्वार हैं. अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली है, तो मथुरा श्रीकृष्ण की लीलाओं का गवाह. हरिद्वार को हरि का प्रवेश द्वार माना जाता है, जबकि काशी भगवान शिव के त्रिशूल पर टिकी अविनाशी नगरी है. कांचीपुरम ब्रह्मा और शिव की उपासना का केंद्र है, उज्जैन में भगवान महाकाल विराजमान हैं, और द्वारका को भगवान श्रीकृष्ण ने बसाया था. सतयुग से लेकर कलियुग तक इन सातों नगरियों का नाता देवताओं से रहा है, इसलिए सनातन शास्त्र इन सभी को मोक्षदायिनी कहते हैं.