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Science of Mantras: मंत्रों के पीछे का विज्ञान और जाप के सही नियम, रामचरितमानस की चौपाइयों से दूर होगी हर परेशानी

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में मंत्रों के विज्ञान और उनके रहस्य पर विस्तार से चर्चा की गई है. प्राचीन काल से ही मंत्रों को बहुत शक्तिशाली माना जाता है. मंत्रों का जाप करते समय उत्पन्न होने वाली ध्वनि और तरंगों का व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा पर गहरा प्रभाव पड़ता है. मंत्र मुख्य रूप से तीन प्रकार से जपे जाते हैं- जोर से, जिह्वा हिलाकर और मानसिक रूप से. इनमें मानसिक जाप को सबसे उत्तम माना गया है. मंत्र जाप के लिए स्थान, समय और आसन एक ही होना चाहिए. इसकी शुरुआत पूर्णिमा या अमावस्या से करनी चाहिए. साथ ही, जाप के तुरंत बाद जल स्पर्श न करने जैसी सावधानियों का भी ध्यान रखना चाहिए. इसके अलावा रामचरितमानस की विभिन्न चौपाइयों का उपयोग रोजगार, विवाह, विद्या प्राप्ति और रोग निवारण के लिए अचूक मंत्रों के रूप में किया जा सकता है. सही विधि से मंत्र जाप करने पर जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.