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Shaligram Puja के अचूक उपाय और नियम, जिनसे घर में आती है सुख-समृद्धि और दूर होती हैं परेशानियां

भगवान विष्णु के विग्रह स्वरूप शालिग्राम की पूजा का विशेष महत्व है. शालिग्राम को नारायण का सबसे कल्याणकारी रूप माना जाता है, जिनकी पूजा से जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य का वास होता है. शालिग्राम मुख्य रूप से नेपाल की गंडकी नदी में पाए जाते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, वृंदा के श्राप के कारण भगवान विष्णु ने शालिग्राम का रूप धारण किया था. शालिग्राम की पूजा में तुलसी दल का होना अनिवार्य है, क्योंकि इसके बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती. ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, शालिग्राम को घर में स्थापित कर नियमित रूप से पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए. हालांकि, महिलाओं को शालिग्राम स्पर्श करने की मनाही है. इसके अलावा, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की संयुक्त पूजा तथा चरणामृत ग्रहण करने से अकाल मृत्यु और सभी व्याधियों का नाश होता है. संतान प्राप्ति के लिए भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा का भी विधान है.