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Shani Sadhe Sati: शनि की उपासना से हर संकट से मिलती है मुक्ति, साढ़ेसाती में किस सवारी से मिलता है शुभ या अशुभ फल? जानिए

गुड न्यूज़ टुडे के खास कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में शनि देव के नौ वाहनों और साढ़ेसाती या ढैया के दौरान उनके प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि देव गधे, घोड़े, हाथी, भैंसे, शेर, सियार, कौवे, मोर और हंस पर सवार होकर आते हैं। व्यक्ति की कुंडली में शनि किस वाहन से प्रवेश करेंगे, इसका निर्धारण जन्म नक्षत्र और शनि के राशि बदलने की तिथि के नक्षत्र की संख्या को जोड़कर नौ से भाग देने पर बची शेष संख्या से होता है। हंस, घोड़े और मोर की सवारी को शुभ फलदायी माना गया है, जबकि गधे, हाथी और सियार की सवारी जीवन में संघर्ष और चुनौतियां लाती है। भैंसे, शेर और कौवे की सवारी मिले-जुले परिणाम देती है। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया है कि शनि देव न्यायकर्ता हैं और व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर ही शुभ या अशुभ फल प्रदान करते हैं, इसलिए हमेशा सत्कर्म करने चाहिए।