प्रार्थना हो स्वीकार में आज हम ईश्वर की उपासना की बात करते हैं. ईश्वर की उपासना के कई तरीके हैं और अलग-अलग लोग पूजन के अलग-अलग रीतियों को निभाते हैं. पूजा उपासना और ध्यान...ये सब आत्मा को परमात्मा से जुड़ने वाले साधन हैं. सनातन सस्कृति में जितना महत्व ध्यान और आराधना का है उतना ही महत्व ही महत्व परमेश्वर को अर्पण करने वाले भोग का भी है. पूजा तो आप भी करते होंगे. क्या आप जानते हैं कि भगवान को प्रसाद अर्पित क्यों किया जाता है और किस प्रसाद का संबंध किस ग्रह से हैं. आज हम प्रसाद की महिमा के बारे में बताते हैं.