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शिव-पार्वती के विवाह स्थल से गुरुवायूर तक, जानिए दांपत्य सुख और विवाह की बाधाएं दूर करने वाले 3 प्रसिद्ध मंदिरों की महिमा

इस विशेष कार्यक्रम में वैवाहिक जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य प्रदान करने वाले प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों की महिमा बताई गई है. उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित त्रियुगीनारायण मंदिर को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह स्थल माना जाता है, जहाँ पवित्र अखंड धूनी को साक्षी मानकर आज भी नवदंपति सात फेरे लेते हैं. वहीं केरल के त्रिशूर स्थित गुरुवायूर मंदिर को 'भूलोक बैकुंठम' कहा जाता है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के सम्मुख सादगीपूर्ण विवाह करने से दांपत्य जीवन में स्थिरता और समृद्धि आती है. इसके अलावा राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर की मान्यता है कि किसी भी शुभ कार्य या विवाह का पहला निमंत्रण पत्र यहाँ भेजा जाता है. मान्यता के अनुसार इन पवित्र स्थलों पर दर्शन और पूजन करने से विवाह में आने वाली अड़चनें समाप्त होती हैं तथा परिवार में खुशहाली बनी रहती है.