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Som Pradosh Vrat: सोम प्रदोष व्रत से संतान प्राप्ति, चंद्रमा दोष निवारण और मनोकामना पूर्ति का फल

आज सोम प्रदोष की तिथि है। माना जाता है कि इस दिन शिवजी की उपासना करने वाले भक्त की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है। प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, प्रदोष व्रत को सर्व सुख प्रदान करने के साथ परम कल्याणकारी बताया गया है। हर महीने के दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष का व्रत रखा जाता है। सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहा जाता है। सोम प्रदोष व्रत रखने से मनचाही इच्छा पूरी होती है, संतान संबंधी मनोकामना की पूर्ति होती है और चंद्रमा संबंधी समस्याओं का निवारण आसानी से होता है। प्रदोष काल में विशेष रूप से शाम के समय भगवान शंकर की पूजा करनी चाहिए। शिवजी को जल, बिल्वपत्र, सफेद वस्तु का भोग, कच्चा दूध और मिश्री युक्त दूध अर्पित करना चाहिए। 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना चाहिए। इस व्रत के प्रभाव से रोग दूर होते हैं, विवाह की बाधाएं दूर होती हैं और धन की कमी खत्म होती है।