सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर भगवान शिव, चंद्रदेव और पितरों की आराधना का विशेष महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, पीपल के वृक्ष की पूजा और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिष के अनुसार, इस दिन पितृ दोष और कर्ज से मुक्ति पाने के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं, जैसे काले तिल से तर्पण करना और पान के पत्ते पर धान व हल्दी रखकर तुलसी के पास रखना। इसके साथ ही 15 जून को सूर्यदेव वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर चुके हैं। मिथुन राशि में बुध के पहले से मौजूद होने के कारण बुधादित्य और भद्र योग का निर्माण हो रहा है। सूर्य के इस गोचर से मेष, मिथुन, कन्या, कर्क, सिंह, धनु और मीन राशि वालों को विशेष लाभ होगा, जबकि वृषभ, वृश्चिक, मकर और कुंभ राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता है। इस गोचर के प्रभाव से प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक उथल-पुथल की भी संभावना है।