जैसलमेर स्थित 1200 साल से भी अधिक पुराना तनोट माता मंदिर भारत-पाकिस्तान सीमा पर लोंगेवाल पोस्ट के पास स्थित है और BSF जवानों की अटूट आस्था का केंद्र है. 1965 के युद्ध में पाकिस्तान ने मंदिर परिसर पर करीब 3000 बम दागे थे, जिनमें से मंदिर परिसर में गिरे लगभग 450 बम फटे ही नहीं. इस चमत्कार के बाद तनोट माता को 'बम वाली माता' और 'युद्ध वाली देवी' के नाम से भी जाना जाने लगा. युद्ध के बाद बने BSF द्वारा ही तब से मंदिर की देखरेख, पूजा-अर्चना और विशेष 1 घंटे की पावर-पैक वीर रस से ओतप्रोत आरती की जाती है. मंदिर में भक्तों द्वारा मन्नत के रुमाल बांधने की भी परंपरा है और परिसर में एक संग्रहालय स्थित है जहां वे अक्रिय पाकिस्तानी बम रखे गए हैं.