गुड न्यूज़ टुडे के कार्यक्रम 'प्रार्थना हो स्वीकार' में एंकर सरगम पंत श्रीवास्तव ने आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमला पर्वत पर स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर के रहस्यों और मान्यताओं के बारे में जानकारी दी. भगवान वेंकटेश्वर की मूर्ति एक विशेष पत्थर से बनी है जो पूरी तरह जीवंत प्रतीत होती है. मान्यता है कि इस मूर्ति से समुद्र की लहरों की आवाज आती है और भगवान के बाल असली हैं, जो कभी उलझते नहीं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भृगु ऋषि द्वारा भगवान विष्णु के वक्ष स्थल पर प्रहार करने के बाद माता लक्ष्मी वैकुंठ छोड़कर पृथ्वी पर आ गईं. उन्हें खोजते हुए भगवान विष्णु तिरुमला आए और देवी पद्मावती से विवाह के लिए कुबेर से ऋण लिया. इसी कर्ज को चुकाने के लिए भक्त आज भी मंदिर में धन और आभूषण दान करते हैं. मंदिर में बिना तेल और घी के एक दीपक सदियों से जल रहा है. साथ ही आषाढ़ महीने के महत्व और इसमें होने वाली पूजा-पाठ के लाभ के बारे में भी विस्तार से बताया गया है.