सनातन धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और उन्हें बोधगया में बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। इसी दिन भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार भी लिया था। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वैशाख पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान, ध्यान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इस दिन चंद्रमा अपनी पूर्ण कलाओं में होता है, इसलिए चंद्रमा को अर्घ्य देने और भगवान शिव की उपासना करने से मानसिक तनाव दूर होता है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है। पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है। पीपल का पेड़ लगाने और दीपदान करने से पितृ दोष और कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा, सफेद वस्तुओं और खीर का दान करना भी कल्याणकारी माना गया है। इस दिन 'ओम नमः शिवाय' और चंद्र देव के मंत्रों का जाप करने से जीवन की सभी बाधाएं समाप्त होती हैं।