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Special Report: बस्तर में खत्म हुआ नक्सलवाद, सुरक्षा कैंप बने जन सुविधा केंद्र, महिलाओं को मिल रहा रोजगार

छत्तीसगढ़ का बस्तर अब नक्सलवाद के खौफ से बाहर निकलकर विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। कभी गोलियों और बारूद के लिए पहचाने जाने वाले इस इलाके में अब सुरक्षा कैंपों को जन सुविधा केंद्रों में बदला जा रहा है। बस्तर में मौजूद करीब 200 में से 70 कैंपों को सेवा केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। इन केंद्रों पर अब लोगों को अस्पताल, स्कूल, आधार कार्ड, आय और जाति प्रमाण पत्र जैसी सरकारी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल रही हैं। इसके अलावा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण, धान कुटाई और इमली प्रोसेसिंग जैसे रोजगार के अवसर भी दिए जा रहे हैं। साल 2011 में नक्सलियों के हमले का शिकार हुए नेतानार जैसे इलाकों में भी अब शांति और सुरक्षा का माहौल है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर के ग्रामीण अब मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं और इलाके में तेज गति से विकास हो रहा है।