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शुभ मंगल सावधान

गया के पटवा टोली से लेकर कोटा तक, JEE Main के नतीजों में दिखा छोटे शहरों का दबदबा

22 अप्रैल 2026

JEE Main परीक्षा के नतीजे घोषित हो गए हैं और देशभर के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। बिहार के गया स्थित पटवा टोली, जिसे अब 'विलेज ऑफ आईआईटीयंस' कहा जाता है, वहां के 31 छात्रों ने इस कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की है। 'वृक्ष' नामक संस्था में निशुल्क कोचिंग लेने वाले ये छात्र मुख्य रूप से बुनकरों और मजदूरों के बच्चे हैं। दूसरी तरफ, राजस्थान का कोटा शहर एक बार फिर टॉपर्स की फैक्ट्री साबित हुआ है। कोटा के कोचिंग संस्थानों में पढ़ने वाले छात्रों ने ऑल इंडिया रैंक 1, 5 और 6 हासिल की है। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय कॉन्सेप्ट की स्पष्टता, सेल्फ स्टडी और सोशल मीडिया से दूरी को दिया है। इसके अलावा, जयपुर भी एक नए एजुकेशनल हब के रूप में उभर रहा है, जहां के पांच छात्रों ने टॉप 100 में जगह बनाई है। वहीं, चंडीगढ़ के एक छात्र ने 100 पर्सेंटाइल के साथ 8वीं रैंक प्राप्त की है। अब ये सभी सफल छात्र आईआईटी में दाखिले के लिए JEE Advanced की तैयारी में जुट गए हैं।

केदारनाथ धाम के कपाट कल खुलेंगे, 51 क्विंटल फूलों से सजा दरबार, बद्रीनाथ की डोली भी रवाना

21 अप्रैल 2026

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। माइनस छह डिग्री तापमान के बावजूद हजारों शिव भक्त दर्शन के लिए धाम में मौजूद हैं। कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य रावल उपस्थित रहेंगे। दूसरी ओर, 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुलने वाले हैं। इसके लिए जोशीमठ के नरसिंह मंदिर से भगवान बद्री विशाल की डोली रवाना हो चुकी है। इस यात्रा में गरुड़ डोली, शंकराचार्य गद्दी और मुख्य पुजारी रावल शामिल हैं। चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। कई भक्त पैदल और कठिन रास्तों को पार कर धाम पहुंच रहे हैं, जिनमें से कुछ अपने साथ मंदिर का भारी मॉडल भी लेकर आए हैं। धाम में हल्की बारिश और बर्फबारी के बीच प्रकृति भी शिव की भक्ति में लीन नजर आ रही है।

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, गौरीकुंड पहुंची बाबा केदार की पंचमुखी डोली

20 अप्रैल 2026

उत्तराखंड में चार धाम यात्रा की शुरुआत हो चुकी है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद अब 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। कपाट खुलने से पहले बाबा केदार की पंचमुखी डोली ऊखीमठ से फाटा होते हुए गौरीकुंड पहुंच गई है। गौरीकुंड के गौरी माई मंदिर में बाबा केदार का विश्राम है, जहां संध्या आरती और पूजा अर्चना की गई। केदारनाथ धाम को 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है। इस साल केदारनाथ यात्रा के लिए लगभग सात लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कराया है। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए सोनप्रयाग से गौरीकुंड तक शटल सेवा की व्यवस्था की है। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य जांच और जरूरी दिशा-निर्देशों के बोर्ड लगाए गए हैं। 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट भी खुलेंगे, जिसके लिए तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं।

सीबीएसई के 10वीं के नतीजे घोषित, 100 फीसदी अंक लाकर छात्रों ने रचा इतिहास

16 अप्रैल 2026

CBSE ने 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसके बाद देशभर के स्कूलों में जश्न का माहौल है। इस साल 24 लाख 70 हजार छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 23 लाख 20 हजार छात्र पास हुए हैं। लड़कियों ने 94.99 प्रतिशत पासिंग रेट के साथ लड़कों को पीछे छोड़ दिया है। 2 लाख 21 हजार से अधिक छात्रों ने 90 प्रतिशत से ज्यादा और 55 हजार से अधिक छात्रों ने 95 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। कई छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 100 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए हैं। शारीरिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करने वाले छात्रों ने भी अपनी मेहनत और लगन से बेहतरीन परिणाम हासिल किए हैं। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के समर्थन और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। इस बार छात्रों पर दबाव कम करने के लिए बोर्ड ने कोई मेरिट लिस्ट जारी नहीं की है। छात्रों को खुद को बेहतर करने का एक और मौका देने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है।

अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन शुरू, पंजीकरण के लिए बैंकों की शाखा में उमड़ी भारी भीड़

15 अप्रैल 2026

अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए 15 अप्रैल से ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो चुकी है। इस बार यात्रा प्रक्रिया में बदलाव करते हुए पहले रजिस्ट्रेशन कराने वालों को प्राथमिकता दी जाएगी। देशभर में 554 अधिकृत बैंक शाखाओं के जरिए ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है। यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। 13 से 70 वर्ष की आयु के श्रद्धालु ही इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं और इसके लिए 8 अप्रैल 2026 के बाद जारी किया गया अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाणपत्र आवश्यक है। सुरक्षा के मद्देनजर सभी यात्रियों को आरएफआईडी कार्ड दिए जाएंगे। इस वर्ष तवी रिवर फ्रंट पर भव्य महाआरती और लेजर शो का भी आयोजन किया जाएगा। दूसरी ओर, उत्तराखंड में 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चार धाम यात्रा का भी विधिवत आगाज होने जा रहा है। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं और श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

ऑस्ट्रेलिया की संसद में गूंजा सनातन का जयघोष, क्रूज पर पहली बार हुई भजन क्लबिंग

14 अप्रैल 2026

ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक प्रसिद्ध भारतीय कथावाचक के आठ दिवसीय दौरे के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली। इस दौरान समंदर के बीच एक क्रूज शिप पर पहली बार 'भजन क्लबिंग' का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रवासी भारतीयों और विदेशी मेहमानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, न्यू साउथ वेल्स (NSW) की संसद में भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां विश्व शांति, एकता और मानवता का संदेश दिया गया। इस दौरान जीवन में शांति और सद्भावना के लिए पांच प्रमुख सूत्र बताए गए, जिनमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और देश के प्रति वफादार रहने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में दुनिया भर में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा गया कि युद्ध से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति से ही विश्व में सद्भाव स्थापित हो सकता है। यह दौरा 15 अप्रैल को सिडनी के ओपेरा हाउस में एक भव्य कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा।

हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का हुजूम, बैसाखी को लेकर लाखों लोगों ने गंगा में लगाई डुबकी

13 अप्रैल 2026

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम में आस्था के विभिन्न पर्वों और धार्मिक स्थलों की ताज़ा जानकारी दी गई है। हरिद्वार में बैसाखी के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, अयोध्या के राम मंदिर परिसर में मौजूद 14 उपमंदिरों में भी दर्शन की शुरुआत हो गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 13 से 27 अप्रैल तक ट्रायल के तौर पर पास सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत एक दिन में 1500 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा, 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ में बर्फ हटाने का काम जारी है, जबकि मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली में कपाट खुलने के अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। साथ ही, असम में रोंगाली बिहू और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में बैसाख सोमवार की धूम देखने को मिल रही है।

जैसलमेर में सेना का ऑपरेशन ब्रह्मास्त्र, अपाचे और प्रचंड की जुगलबंदी से कांपा दुश्मन

10 अप्रैल 2026

राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मास्त्र' के जरिए अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है. इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी निर्मित अपाचे (Apache AH-64E) हेलीकॉप्टर और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' ने हिस्सा लिया. पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपाचे से घातक 'हेलफायर' (Hellfire) मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने सटीक निशाने के साथ दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त कर दिया. अपाचे को 'हवा का टैंक' कहा जाता है, जो 365 किमी/घंटा की रफ्तार से हमला करने में सक्षम है. वहीं, स्वदेशी 'प्रचंड' दुनिया का एकमात्र ऐसा हेलीकॉप्टर है जो सियाचिन जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुद बेंगलुरु में प्रचंड में उड़ान भरकर इसकी स्वदेशी तकनीक पर भरोसा जताया. इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युद्ध में पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच तालमेल को परखना और दुश्मन को कड़ा संदेश देना था.

ऑस्ट्रेलिया की संसद में गूंजा 'सीताराम हनुमान', बाबा बागेश्वर का ऐतिहासिक प्रवचन और भव्य स्वागत

10 अप्रैल 2026

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के आठ दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा की शुरुआत राजधानी कैनबरा से हुई, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की संसद के सभागार में आध्यात्मिक प्रवचन दिया। किसी भारतीय संत द्वारा ऑस्ट्रेलिया की संसद में संबोधन का यह पहला ऐतिहासिक अवसर था। अपने संबोधन में बाबा बागेश्वर ने विश्व शांति, सनातन संस्कृति और मानवीय मूल्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति तभी संभव है जब मनुष्य के मन में शांति हो। कैनबरा के बाद उनके कार्यक्रम पर्थ और सिडनी में आयोजित होंगे। सिडनी में वह एक क्रूज शिप पर 'भजन क्लबिंग' करेंगे और प्रसिद्ध ओपेरा हाउस में सत्संग करेंगे, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान होगा। इस दौरे में न केवल भारतीय समुदाय बल्कि ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भक्तों की समस्याओं का समाधान किया और बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रहकर नाम जप करने की सलाह दी।

पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बारिश, अप्रैल में सुहाना हुआ मौसम का मिजाज

08 अप्रैल 2026

उत्तर भारत में अप्रैल के महीने में मौसम ने करवट ली है, जिससे सर्दियों की वापसी का अहसास हो रहा है। उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ और औली में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे चारधाम यात्रा की तैयारियों में चुनौतियां आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और रामबन में भी बर्फ की सफेद चादर बिछी है, हालांकि रामबन में लैंडस्लाइड के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश के अटल टनल और कुल्लू में बर्फबारी से सैलानी उत्साहित हैं, लेकिन सेब की फसल को नुकसान की आशंका है। दिल्ली-NCR में 8 अप्रैल को पिछले तीन साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान में 6-7 डिग्री की गिरावट आई। राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने पर तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी और गर्मी की वापसी होगी।