देशभर में हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची विशाल हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया है. मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा निर्मित यह प्रतिमा 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे बनाने में 115 टन स्टील और 40 टन फाइबर ग्लास का उपयोग हुआ है. वहीं, मध्य प्रदेश के छतरपुर में 51 फीट ऊंची और 171 क्विंटल वजनी अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण किया गया. इसके अलावा, गुजरात के द्वारका में भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो पोरबंदर के माधवपुर घेड़ मेले के समापन का प्रतीक है. अहमदाबाद के केसरा बालाजी मंदिर में देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के स्वरूपों के दर्शन कराए जा रहे हैं. अयोध्या और प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में भी जन्मोत्सव को लेकर विशेष सजावट और अनुष्ठान किए जा रहे हैं.
गुजरात के पोरबंदर जिले के माधवपुर में भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का भव्य आयोजन किया गया। मान्यता है कि कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर इसी स्थान पर विवाह रचाया था। 27 मार्च 2026 से शुरू हुए इस पांच दिवसीय मेले में उत्तर-पूर्व भारत की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बताया गया कि 1840 में रानी रूपनिभा द्वारा पुनर्निर्मित माधवराय मंदिर इस पौराणिक घटना का प्रतीक है। दूसरी ओर, महावीर जयंती के अवसर पर जयपुर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 24 स्वर्ण जड़ित रथ शामिल हुए। यहाँ 2625 श्रद्धालुओं ने एक साथ चवड़ डुलाकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इसके अलावा धौलपुर, अजमेर और प्रयागराज में भी भगवान महावीर के 'जियो और जीने दो' के संदेश के साथ जुलूस निकाले गए। बुलेटिन के अंत में समस्तीपुर के 59वें श्याम महोत्सव का जिक्र किया गया, जहाँ अखंड पाठ और फूलों की होली के साथ उत्सव का समापन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे और प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। जेवर में यह नया एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में से एक है। इसमें Digi Yatra, Self Baggage Drop, Automatic Gate और 10 Air Bridge जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। एयरपोर्ट की इमारत पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासकर वृंदावन की कला संस्कृति से प्रेरित है। पहले साल 60 लाख यात्री यहां से उड़ान भर सकते हैं। पूरी तरह तैयार होने पर यह सालाना 7 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है। Indigo, Air India Express और Akasa एयरलाइंस ने यहां उड़ान भरने के लिए आवेदन किया है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट तक 31 किलोमीटर लंबा high speed corridor बनाया जा रहा है जिससे 15 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा जा सकेगा। यह कॉरिडोर गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली NCR को जोड़ेगा। एयरपोर्ट की cargo क्षमता 10 लाख टन है जिससे यूपी के कृषि उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचेंगे।
अयोध्या में राम जन्मोत्सव की भव्य तैयारी पूरी हो चुकी है। 27 मार्च की सुबह से राम मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे और दोपहर 12 बजे भगवान राम का सूर्य तिलक होगा। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। राजघाट यज्ञ परिसर में 1251 हवन कुंड बनाए गए हैं जहां 5000 यजमान वैश्विक शांति के लिए महायज्ञ कर रहे हैं। जीयर स्वामी जी के सानिध्य में हो रहे इस यज्ञ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते हैं। अयोध्या धाम को 6 जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों को सौंपी गई है। रामनवमी पर गजकेसरी योग, नवपंचम राजयोग, रवि योग, अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं। चैत्र नवरात्र के दौरान अयोध्या के बड़ी देवकाली मंदिर सहित देशभर के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
अयोध्या में 27 मार्च को रामनवमी के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। राम दरबार की स्थापना के बाद यह पहली रामनवमी है। राममंदिर के प्रथम तल पर राजाराम का भव्य दरबार सजेगा। सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक अभिषेक होगा। 10:40 से 11:45 बजे तक दिव्य शृंगार होगा। दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ पट खुलेंगे और सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य चार मिनट तक दिखाई देगा। गर्भगृह में फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी जिसमें कई क्विंटल देसी विदेशी फूलों का इस्तेमाल होगा। भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और छह क्विंटल पंजीरी का विशेष भोग दिया जाएगा। दशरथ महल में बनारस के प्रसिद्ध कलाकारों की शहनाई गूंज रही है। कनक भवन में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के लिए सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
चैत्र नवरात्र के दौरान देशभर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ा है। कटरा में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए नवरात्र के पांच दिनों में ही करीब दो लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। शनिवार को जब यात्रियों की संख्या चालीस हजार पार कर गई तो एहतियातन रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगानी पड़ी। दिल्ली के कालकाजी, झंडेवाला और छतरपुर मंदिर में भी रोज हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। कालकाजी मंदिर दिल्ली के प्राचीनतम मंदिरों में शुमार है जिसकी कहानी महाभारत काल से जुड़ी है। अयोध्या के बड़ा देवकाली मंदिर में भी भक्तों का हुजूम लगा है। बड़ा देवकाली को भगवान राम की कुलदेवी माना जाता है और मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से ही भगवान राम को रावण पर विजय मिली थी। प्रयागराज के अलोपशंकरी मंदिर और भोपाल के कालीघाट मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होगी जिन्हें शहद और पान का भोग प्रिय है।
चैत्र नवरात्रि के दूसरे और तीसरे दिन देशभर के प्रमुख देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कानपुर के माता वैभव लक्ष्मी मंदिर में नवरात्रि के शुक्रवार को खजाना वितरण की परंपरा निभाई गई, जिसमें भक्तों का विश्वास है कि इसे तिजोरी में रखने से साल भर सुख समृद्धि बनी रहती है। दिल्ली के छतरपुर स्थित आद्या कात्यायनी मंदिर, झंडेवाला मंदिर और कालकाजी मंदिर में भी लंबी कतारें लगीं। प्रयागराज के मां अलोपी देवी मंदिर में पवित्र पालकी और कुंड की पूजा हुई। गुजरात के पावागढ़ स्थित महाकाली धाम में रोजाना करीब एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। उज्जैन के हरसिद्धि माता मंदिर में भी भक्तों का जमावड़ा रहा। नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है, जिसमें दूध से बनी मिठाई या खीर का भोग लगाया जाता है।
चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर देशभर के प्रमुख मंदिरों में आस्था और भक्ति का संगम देखने को मिल रहा है। जम्मू के वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। कटरा से लेकर भवन तक श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है। यूपी के मिर्जापुर में स्थित विंध्याचल धाम में भी दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्त यहां त्रिकोण यात्रा करते हैं जिसमें मां विंध्यवासिनी, काली और अष्टभुजा के दर्शन किए जाते हैं। दिल्ली के कालकाजी और छतरपुर मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है। चंदौली के प्राचीन काली मंदिर में श्रद्धालु सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं। नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा हुई। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होगी। दुर्गा सप्तशती के पाठ का इन दिनों विशेष महत्व है। मान्यता है कि सप्तशती के मंत्रों के पाठ से मां का आशीर्वाद मिलता है और संकट दूर होते हैं।
28 March को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट यानी जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन होने जा रहा है जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया गया है। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा जो 5845 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। इसमें 6 runway, एक लाख कार पार्किंग स्पेस और 7 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी। एयरपोर्ट में Digi Yatra तकनीक का इस्तेमाल होगा जिसमें यात्रियों को सिर्फ चेहरा दिखाने की जरूरत होगी। Entry से लेकर boarding तक पूरी प्रक्रिया facial recognition से होगी। यहां self baggage drop मशीनें और automatic boarding gates होंगे। पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी। उद्घाटन के 45 दिन बाद देश के 10 शहरों के लिए विमान सेवा शुरू होगी। IndiGo, Air India Express और Akasa airlines यहां से उड़ान भरेंगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर तक 31.42 किलोमीटर लंबी नई सड़क परियोजना को मंजूरी मिल गई है जिस पर 3,630 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मार्च महीने में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट बदली है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बेमौसम बर्फबारी हुई है. हिमाचल के डलहौजी, मनाली और कुल्लू में भारी हिमपात से पहाड़ फिर से सफेद चादर से ढक गए हैं, जबकि निचले इलाकों में बारिश से ठंडक बढ़ गई है. इस बर्फबारी का असर यातायात पर भी पड़ा और अटल टनल के पास वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. यह मौसमी बदलाव लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुआ है. यह बर्फबारी गेहूं, सरसों, मसूर जैसी रबी फसलों के साथ-साथ सेब, आड़ू और खुबानी की बागवानी के लिए भी फायदेमंद होगी. इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर जैसे मैदानी इलाकों पर भी पड़ा है, जहां आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है.
मार्च के मध्य में उत्तराखंड के चारधाम यमुनोत्री, गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ में भारी बर्फबारी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम ने अचानक करवट ली और पहाड़ों पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। औली में सैलानियों ने बर्फबारी का आनंद लिया। हिमाचल के मनाली और अटल टनल के पास भी भारी बर्फबारी हुई जिससे हजारों गाड़ियां फंस गईं। कश्मीर के ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी जारी है जबकि श्रीनगर में एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन खोल दिया गया। दिल्ली एनसीआर में बारिश के बाद तापमान 31 डिग्री तक गिर गया और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार 17 मार्च को एक और पश्चिमी विक्षोभ आने वाला है जिससे फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है।