ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में एक प्रसिद्ध भारतीय कथावाचक के आठ दिवसीय दौरे के दौरान सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की अद्भुत झलक देखने को मिली। इस दौरान समंदर के बीच एक क्रूज शिप पर पहली बार 'भजन क्लबिंग' का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों प्रवासी भारतीयों और विदेशी मेहमानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, न्यू साउथ वेल्स (NSW) की संसद में भी एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां विश्व शांति, एकता और मानवता का संदेश दिया गया। इस दौरान जीवन में शांति और सद्भावना के लिए पांच प्रमुख सूत्र बताए गए, जिनमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने और देश के प्रति वफादार रहने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में दुनिया भर में चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए कहा गया कि युद्ध से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति से ही विश्व में सद्भाव स्थापित हो सकता है। यह दौरा 15 अप्रैल को सिडनी के ओपेरा हाउस में एक भव्य कार्यक्रम के साथ संपन्न होगा।
गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम में आस्था के विभिन्न पर्वों और धार्मिक स्थलों की ताज़ा जानकारी दी गई है। हरिद्वार में बैसाखी के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं, अयोध्या के राम मंदिर परिसर में मौजूद 14 उपमंदिरों में भी दर्शन की शुरुआत हो गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 13 से 27 अप्रैल तक ट्रायल के तौर पर पास सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत एक दिन में 1500 श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा, 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही चारधाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ में बर्फ हटाने का काम जारी है, जबकि मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खरसाली में कपाट खुलने के अनुष्ठान शुरू हो गए हैं। साथ ही, असम में रोंगाली बिहू और देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में बैसाख सोमवार की धूम देखने को मिल रही है।
राजस्थान के जैसलमेर में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन ब्रह्मास्त्र' के जरिए अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया है. इस युद्धाभ्यास में अमेरिकी निर्मित अपाचे (Apache AH-64E) हेलीकॉप्टर और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' ने हिस्सा लिया. पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में अपाचे से घातक 'हेलफायर' (Hellfire) मिसाइलें दागी गईं, जिन्होंने सटीक निशाने के साथ दुश्मन के टैंकों को ध्वस्त कर दिया. अपाचे को 'हवा का टैंक' कहा जाता है, जो 365 किमी/घंटा की रफ्तार से हमला करने में सक्षम है. वहीं, स्वदेशी 'प्रचंड' दुनिया का एकमात्र ऐसा हेलीकॉप्टर है जो सियाचिन जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर लैंडिंग और टेक-ऑफ कर सकता है. सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने खुद बेंगलुरु में प्रचंड में उड़ान भरकर इसकी स्वदेशी तकनीक पर भरोसा जताया. इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य आधुनिक युद्ध में पायलटों और ग्राउंड क्रू के बीच तालमेल को परखना और दुश्मन को कड़ा संदेश देना था.
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के आठ दिवसीय दौरे पर हैं। इस यात्रा की शुरुआत राजधानी कैनबरा से हुई, जहां उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की संसद के सभागार में आध्यात्मिक प्रवचन दिया। किसी भारतीय संत द्वारा ऑस्ट्रेलिया की संसद में संबोधन का यह पहला ऐतिहासिक अवसर था। अपने संबोधन में बाबा बागेश्वर ने विश्व शांति, सनातन संस्कृति और मानवीय मूल्यों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति तभी संभव है जब मनुष्य के मन में शांति हो। कैनबरा के बाद उनके कार्यक्रम पर्थ और सिडनी में आयोजित होंगे। सिडनी में वह एक क्रूज शिप पर 'भजन क्लबिंग' करेंगे और प्रसिद्ध ओपेरा हाउस में सत्संग करेंगे, जो अपने आप में एक नया कीर्तिमान होगा। इस दौरे में न केवल भारतीय समुदाय बल्कि ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भक्तों की समस्याओं का समाधान किया और बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रहकर नाम जप करने की सलाह दी।
उत्तर भारत में अप्रैल के महीने में मौसम ने करवट ली है, जिससे सर्दियों की वापसी का अहसास हो रहा है। उत्तराखंड के बद्रीनाथ, केदारनाथ और औली में भारी बर्फबारी हुई है, जिससे चारधाम यात्रा की तैयारियों में चुनौतियां आ रही हैं। जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग और रामबन में भी बर्फ की सफेद चादर बिछी है, हालांकि रामबन में लैंडस्लाइड के कारण यातायात प्रभावित हुआ है। हिमाचल प्रदेश के अटल टनल और कुल्लू में बर्फबारी से सैलानी उत्साहित हैं, लेकिन सेब की फसल को नुकसान की आशंका है। दिल्ली-NCR में 8 अप्रैल को पिछले तीन साल का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान में 6-7 डिग्री की गिरावट आई। राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में पश्चिमी विक्षोभ का असर कम होने पर तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी और गर्मी की वापसी होगी।
गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में एंकर शुभम सिंह ने भारत की रक्षा क्षेत्र में बढ़ती ताकत पर प्रकाश डाला है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 62.66 फीसदी की बढ़ोतरी दर्शाता है। आज भारत दुनिया के करीब 100 देशों को हथियार और सैन्य उपकरण निर्यात कर रहा है। 'Make in India' मुहिम के तहत ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाक रॉकेट लॉन्चर, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम और तेजस लड़ाकू विमान जैसे स्वदेशी हथियारों की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ी है। कार्यक्रम में डीआरडीओ द्वारा विकसित किए जा रहे स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'कुशा' (Project Kusha) पर भी चर्चा की गई, जिसे रूस के S-400 के समकक्ष माना जा रहा है। यह प्रणाली 2028 तक तैनात होने की उम्मीद है और 350-400 किलोमीटर की रेंज में दुश्मन के खतरों को बेअसर करने में सक्षम होगी। कम लागत और उच्च गुणवत्ता के कारण अमेरिका, फ्रांस और आर्मेनिया जैसे देश भारतीय रक्षा उपकरणों में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
उत्तराखंड में आगामी चार धाम यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन खराब मौसम और भारी बर्फबारी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में कपाट खुलने से पहले रास्तों से बर्फ हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। केदारनाथ के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ के 23 अप्रैल को खुलने निर्धारित हैं, जबकि गंगोत्री-यमुनोत्री की यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होगी। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के सीईओ विशाल मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए क्यू मैनेजमेंट और मरम्मत कार्य 20 अप्रैल तक पूरे कर लिए जाएंगे। हेमकुंड साहिब में 15 अप्रैल से भारतीय सेना बर्फ हटाने का काम शुरू करेगी। इस बीच, श्रद्धालुओं के लिए राहत की खबर है कि केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा की ऑनलाइन बुकिंग 10 अप्रैल से IRCTC के आधिकारिक पोर्टल पर शुरू होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ठगी रोकने के लिए बुकिंग केवल आधिकारिक वेबसाइट के जरिए ही की जाएगी और यात्रियों की सुविधा के लिए चरणबद्ध स्लॉट उपलब्ध कराए जाएंगे।
इंडियन नेवी की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। आधुनिक और स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस तारागिरी को नौसेना में शामिल कर लिया गया है। इसे नेवी ने समंदर का 'ईगल' नाम दिया है। 17 अल्फा प्रोजेक्ट के तहत बना यह नीलगिरी क्लास का नया स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो अत्याधुनिक तकनीक और दुश्मन की नजरों से बचकर हमला करने में सक्षम है। इसके साथ ही परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत को भी नौसेना में शामिल किया गया है, जो पानी की सतह के नीचे छिपकर परमाणु हमले की क्षमता रखती है। यह देश की सुरक्षा की गारंटी और रणनीतिक संतुलन मजबूत करने में अहम होगी। इसके अलावा स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को लेकर भी बड़ी खबर है। दो महीने पहले तकनीकी खराबी के चलते उड़ान पर लगी रोक के बाद अब तेजस विमानों को एक बार फिर से उड़ान की हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही 36 तेजस विमानों की फ्लीट आसमान में अपनी गर्जना से दुश्मन के होश उड़ाने के लिए तैयार होगी।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या केदारनाथ धाम के लिए है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी भारी बर्फ को हटाने का काम जारी है और 22 अप्रैल से यहां की यात्रा शुरू होगी। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए 'क्राउड मैनेजमेंट' और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी की योजना बनाई है। केदारनाथ के लिए इस बार 8 हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी, जिनकी बुकिंग आईआरसीटीसी के पोर्टल से होगी। वाहनों के लिए 'ग्रीन कार्ड' अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने ईंधन की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक संसाधनों जैसे पिरूल और कोयले के उपयोग का आश्वासन दिया है। बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत सुधारीकरण कार्य जारी हैं, जहां 23 अप्रैल को कपाट खुलेंगे।
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर पूरे भारत में उत्सव का माहौल है। अयोध्या के हनुमानगढ़ी और प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में विशेष सजावट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रयागराज में भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा और काशी-कोलकाता के फूलों से श्रृंगार होगा। अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर स्थित हनुमान मंदिर पर 34 साल बाद विशेष ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें 150 विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। महाराष्ट्र के विदर्भ में स्थित अकोला के बारलिंगा गांव में 200 साल पुराने गरुड़ रूपी हनुमान मंदिर और अमरावती के जहांगीरपुर में महारुद्र मारुति के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार 30 साल बाद मीन राशि में सूर्य, शनि और मंगल की युति से 'त्रिगह योग' बन रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है।
देशभर में हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची विशाल हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया है. मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा निर्मित यह प्रतिमा 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे बनाने में 115 टन स्टील और 40 टन फाइबर ग्लास का उपयोग हुआ है. वहीं, मध्य प्रदेश के छतरपुर में 51 फीट ऊंची और 171 क्विंटल वजनी अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण किया गया. इसके अलावा, गुजरात के द्वारका में भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो पोरबंदर के माधवपुर घेड़ मेले के समापन का प्रतीक है. अहमदाबाद के केसरा बालाजी मंदिर में देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के स्वरूपों के दर्शन कराए जा रहे हैं. अयोध्या और प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में भी जन्मोत्सव को लेकर विशेष सजावट और अनुष्ठान किए जा रहे हैं.