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शुभ मंगल सावधान

ब्रज में होली का उल्लास: द्वारकाधीश मंदिर में रसिया गायन और बरसाना में लट्ठमार होली की तैयारी

21 फरवरी 2026

ब्रजभूमि में होली का उत्सव पूरे शबाब पर है। मथुरा के प्रसिद्ध द्वारकाधीश मंदिर में 'समाज गायन' और 'रसिया' की गूंज के साथ श्रद्धालु भक्ति में सराबोर हैं। यहाँ भगवान को गुलाल अर्पित करने के बाद उसे भक्तों पर प्रसाद स्वरूप उड़ाया जाता है। कार्यक्रम में बताया गया कि बरसाना में 25 फरवरी को विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन होगा, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी कर रहा है। इसके अलावा, इस बार प्राकृतिक रंगों पर जोर दिया जा रहा है। सहारनपुर की कान्हा उपवन गौशाला में गाय के गोबर से 'गौमय गुलाल' तैयार किया जा रहा है, जो पूरी तरह केमिकल मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल है। मथुरा में भी टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग बनाए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं की त्वचा सुरक्षित रहे।

राजनाथ सिंह और Admiral Dinesh K Tripathi ने Exercise MILAN 2026 का किया आगाज

20 फरवरी 2026

विशाखापट्टनम में भारतीय नौसेना के बहुपक्षीय अभ्यास 'मिलन 2026' का भव्य आगाज हो गया है, जिसमें 70 से अधिक देशों की नौसेनाएं हिस्सा ले रही हैं. रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने उद्घाटन करते हुए कहा, 'No single navy however capable can address the challenge alone this is why cooperation in the navy no longer and often it is an imperative.' नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh K Tripathi ने इस आयोजन को 'मैरीटाइम महाकुंभ' करार दिया. इस अभ्यास में आईएनएस विक्रांत पर तैनात मिग-29K फाइटर जेट्स, एमएच-60 रोमियो हेलीकॉप्टर्स और पी-8आई सर्विलांस विमानों ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. पहली बार जर्मनी, फिलीपींस और यूएई की नौसेनाएं भी इस अभ्यास में शामिल हो रही हैं. यह अभ्यास समुद्री सुरक्षा, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर और आपसी रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है.

दिल्ली में लगा एआई का सबसे बड़ा मेला, दुनिया भर से पहुंच रहे लोग

18 फरवरी 2026

दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026' के तीसरे दिन तकनीक के विभिन्न आयामों का प्रदर्शन किया गया. इस वैश्विक समिट में 30 से अधिक देशों की 300 कंपनियां अपने एआई गैजेट्स और समाधान पेश कर रही हैं. प्रदर्शनी के मुख्य आकर्षणों में एक 'हाउसकीपर रोबोट' शामिल है, जो कपड़े तह करने और बर्तन धोने जैसे घरेलू कार्यों में सक्षम है. स्वास्थ्य क्षेत्र में एक एआई आधारित स्टेथोस्कोप प्रदर्शित किया गया है, जो मात्र 30 सेकंड में हृदय रोगों का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करता है. सुरक्षा के लिहाज से एआई ड्राइविंग तकनीक कोहरे में इमरजेंसी ब्रेकिंग और एम्बुलेंस को रास्ता देने की सुविधा प्रदान करती है. शिक्षा क्षेत्र में एआई कोच छात्रों के साक्षात्कार कौशल और आत्मविश्वास का विश्लेषण कर रहा है. इसके अतिरिक्त, बैंकिंग क्षेत्र में संदिग्ध लेनदेन की पहचान और हैंडलूम उद्योग में जटिल डिजाइन तैयार करने के लिए एआई मॉडल का उपयोग दिखाया गया है. 20 फरवरी तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में छात्र और आम नागरिक भविष्य की तकनीक का अनुभव कर सकते हैं.

साल का पहला सूर्य ग्रहण, कुंभ राशि में 37 साल बाद बना दुर्लभ पंचग्रही योग, जानें राशियों पर असर

17 फरवरी 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिस कारण यहां सूतक काल के नियम प्रभावी नहीं होंगे, लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से इसका प्रभाव व्यापक माना जा रहा है. कुंभ राशि और घनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला यह ग्रहण कई दुर्लभ संयोग बना रहा है. जानकारों के अनुसार, '37 साल बाद कुंभ राशि में पांच ग्रह (सूर्य, शुक्र, राहु, चंद्रमा और बुध) एक साथ गोचर करेंगे.' इसके अलावा 64 साल बाद कुंभ में सूर्य और राहु की युति हो रही है. ग्रहण का समय भारतीय समयानुसार दोपहर 3:26 बजे से रात 7:57 बजे तक रहेगा. कार्यक्रम में मेष से लेकर मीन राशि तक पर पड़ने वाले प्रभावों और बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई है. विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और मंदिर के कपाटों पर सूतक का असर नहीं होने की पुष्टि की गई है, फिर भी मंत्र जप और दान की सलाह दी गई है.

जूनागढ़ से काशी तक शिवभक्ति की धूम, सोमनाथ में रेत से बनी भव्य शिव प्रतिमा

13 फरवरी 2026

महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर देशभर के शिवालयों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. जूनागढ़ के भवनाथ धाम में साधु-संतों का जमावड़ा लगा है, जहां एक तपस्वी की 12 फीट लंबी जटाएं आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं. सोमनाथ के तट पर ओडिशा के कलाकारों ने 60 टन रेत से शिव परिवार की भव्य आकृति उकेरी है. वहीं, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के आठवें दिन बाबा महाकाल का 'उमामहेश' स्वरूप में दिव्य शृंगार किया गया. काशी के बाजारों में भी भांग और ठंडाई की मांग बढ़ गई है. विशेषज्ञों के अनुसार, महाशिवरात्रि पर निशीथ काल यानी मध्य रात्रि की पूजा का विशेष महत्व है, जो आत्मज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है. इस बार 15 फरवरी की मध्य रात्रि को विशेष साधना का संयोग बन रहा है.

महाशिवरात्रि 2026: महाकाल का मनमहेश स्वरूप और ओंकारेश्वर में उमड़ा आस्था का जनसैलाब

13 फरवरी 2026

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के शिवालयों में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के सातवें दिन भगवान महाकाल ने 'मनमहेश' स्वरूप में दर्शन दिए, जिसे देखने के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े. खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी विशेष सुरक्षा और दर्शन के इंतजाम किए गए हैं, जहां मान्यता है कि भगवान शिव रात्रि विश्राम करते हैं. गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर और काशी विश्वनाथ में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर बैरिकेडिंग और ड्रोन से निगरानी की व्यवस्था की गई है. कार्यक्रम में भोलेनाथ की उन कथाओं का भी वर्णन किया गया जो बताती हैं कि वे भेदभाव किए बिना सच्ची भक्ति से प्रसन्न होते हैं, चाहे वह भक्त रावण हो या बाणासुर. सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और जल पुलिस को भी तैनात किया गया है.

महाकाल का अद्भुत होलकर श्रृंगार और महाशिवरात्रि पर अभिषेक का विशेष महत्व

12 फरवरी 2026

उज्जैन के महाकालेश्वर धाम में शिव नवरात्रि के छठे दिन भगवान महाकाल का भव्य 'होलकर श्रृंगार' किया गया. इस विशेष अवसर पर बाबा महाकाल को होलकर स्टेट का ऐतिहासिक चांदी का मुखौटा और पगड़ी पहनाई गई, जिसे देखने के लिए देशभर से श्रद्धालु उमड़े. रिपोर्ट के अनुसार, महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिवजी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न द्रव्यों से अभिषेक का महत्व है. गंगाजल से अभिषेक मानसिक शांति प्रदान करता है, जबकि दूध से चंद्रमा के दोष दूर होते हैं. दही से लक्ष्मी कृपा और घी से बुद्धि में वृद्धि की मान्यता है. इसके साथ ही, जूनागढ़ के भवनाथ में मिनी कुंभ और अलवर के त्रिपुलेश्वर मंदिर में 300 वर्षों से जल रही अखंड ज्योति की महिमा का भी वर्णन किया गया है. काशी विश्वनाथ धाम में चार दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव 'शिवार्चन' की शुरुआत हो चुकी है.

महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद दुर्लभ संयोग, सुनील शेट्टी ने महाकाल के दरबार में टेका माथा

11 फरवरी 2026

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के पांचवें दिन बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने बाबा महाकाल के 'छबीना' स्वरूप के दर्शन किए. इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर पूजन किया और देश की सुख-समृद्धि की कामना की. सुनील शेट्टी ने कहा, 'आहान की फिल्म भी रिलीज हुई, बॉर्डर रिलीज हुई. बहुत अच्छी जा रही है. उसके लिए भी शुक्रिया करने आया और फिर हमेशा माथा टेकने के लिए आता ही हूं.' मंदिर के पुजारी ने बताया कि छबीना शृंगार भगवान के नवयुवक स्वरूप को दर्शाता है, जिसमें उन्हें राजसी ठाट-बाट के साथ पीले वस्त्र और रत्न जड़ित मुकुट पहनाया जाता है. इस साल महाशिवरात्रि पर 300 वर्षों के बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें पांच राजयोग और 10 शुभ संयोग शामिल हैं, जो सात विशेष राशियों के लिए अत्यंत फलदायी होंगे.

मथुरा से काशी विश्वनाथ पहुंचे विशेष उपहार, महाकाल में 'घटाटोप' शृंगार के दर्शन

10 फरवरी 2026

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष एक ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत हुई है, जहां भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से बाबा काशी विश्वनाथ के लिए विशेष विवाह वस्त्र, मिष्ठान और फल भेजे गए हैं. 'यह पहली बार है जब महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के लिए नए कपड़े और मिष्ठान भेजे गए हैं,' जो वैष्णव और शैव परंपरा के अद्भुत समन्वय को दर्शाता है. काशी विश्वनाथ धाम में माता वैष्णो देवी समेत देश के 18 प्रमुख मंदिरों से भी उपहार पहुंचे हैं. वहीं, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव के तहत बाबा का 'घटाटोप' स्वरूप में भव्य शृंगार किया गया. हरिद्वार में भी फागुनी कावड़ यात्रा की धूम है, जहां हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, महाशिवरात्रि पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.

महाकाल नगरी उज्जैन में शिव नवरात्रि की धूम, हल्दी का लेप लगाकर महाकाल को बनाया दूल्हा

06 फरवरी 2026

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि का महापर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हो गया है. इस विशेष अवसर पर मंदिर के पुजारी ने बताया कि 'भगवान महाकाल के दरबार में शिव नवरात्रि महोत्सव फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की पंचमी से प्रारंभ हो गया है.' नौ दिनों तक चलने वाले इस उत्सव के पहले दिन बाबा महाकाल का विशेष शृंगार किया गया, जिसमें उन्हें भस्म के स्थान पर हल्दी और चंदन का लेप लगाकर दूल्हे के रूप में सजाया गया. परंपरा के अनुसार, नैवेद्य कक्ष में श्री चंद्रमौलेश्वर भगवान की पूजा और 11 ब्राह्मणों द्वारा एकादश रुद्राभिषेक के साथ अनुष्ठान की शुरुआत हुई. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल का भव्य विवाह उत्सव संपन्न होगा. इस दौरान महाकाल के नौ अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन होंगे, जिनमें शेषनाग, घटाटोप और शिव तांडव रूप मुख्य आकर्षण रहेंगे.

काशी में महाशिवरात्रि की जबरदस्त तैयारी, 15 फरवरी को निकलेगी भव्य शिव बारात

06 फरवरी 2026

हम बात कर रहे हैं महाशिवरात्रि की। 15 फरवरी को देश भर में धूमधाम से महाशिवरात्रि मनाने की तैयारी है। और शिव की नगरी काशी में अभी से उत्सव का माहौल है। इस साल भी महादेव की बारात निकलेगी, और उसके लिए भक्त शहर में न्योता बांट रहे हैं। आज आपको ठेठ बनारसी अंदाज में तैयार किया गया निमंत्रण पत्र दिखाएंगे