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शुभ मंगल सावधान

प्रयागराज माघ मेले में पहली बार 'अमृत स्नान' करेंगे अखाड़े, तैयारियां तेज, देखिए संगम की खूबसूरत तस्वीरें

10 जनवरी 2026

प्रयागराज में 2026 का माघ मेला ऐतिहासिक होने जा रहा है, जिसकी छटा महाकुंभ जैसी दिख रही है। इस वर्ष एक नई परंपरा की शुरुआत हो रही है, जिसके तहत पहली बार वैष्णव संप्रदाय के तीन प्रमुख अखाड़े अमृत स्नान में शामिल होंगे। एक आयोजक के अनुसार, 'जिसका नाम हम लोगों ने अमृत स्नान रखा है, जो परमिशन भी मिल गई है, प्रशासन ने हमको स्वीकृति भी दे दी है।' यह अमृत स्नान मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी के अवसर पर होगा.

14 या 15 जनवरी, कब है मकर संक्रांति ? जानिए और देखिए माघ मेले में इसको लेकर किस तरह की है तैयारियां

09 जनवरी 2026

हम बात कर रहे हैं माघ मेले की। और इस दौरान दूसरे यानी मकर संक्रांति के पवित्र स्नान की। जिसके लिए संगम पर प्रशासन की तरफ से जबरदस्त तैयारी है। लेकिन आम लोगों में एक बड़ी ुउलझन मकर संक्रांति की तिथि को लेकर है। सवाल है कि पर्व 14 जनवरी को मनाया जाए या 15 को। आज इससे जुड़ी दुविधा दूर करेंगे। समझेंगे कि मकर संक्राति के दिन पूजा अर्चना कैसे करनी है। इसके अलावा बात करेंगे संगम पर माघ मेले के दौरान वेणी दान यानी महिलाओं के केश दान पर। संगम पर वेणी दान क्यों किया जाता है, और इसका क्या महत्व है, आज आपको विस्तार से बताएंगे। और साथ ही दिखाएंगे कि कड़ाके की ठंड में जब लोग सुबह घरों से बाहर नहीं निकल रहे, संगम पर लाखों लोग कैसे तीन बार स्नान करते हुए कल्पवास कर रहे हैं।

संगम पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मकर संक्रातिं पर 1.5 करोड़ लोगों के आने की है उम्मीद... देखिए रिपोर्ट

08 जनवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 की भव्यता और सुरक्षा इंतजामों को दिखाया गया है. एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं, जिसका उदाहरण एक मॉक ड्रिल के जरिए पेश किया गया. मेले में एटीएस कमांडो और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जा रही है. कार्यक्रम में इटली से आए श्रद्धालुओं से भी बात की गई जो भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म से बेहद प्रभावित हैं. इसके अलावा, 11 हजार रुद्राक्ष धारण करने वाले एक नागा साधु और 5 साल के बाल संत भी मेले में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. रिपोर्ट में देवराहा बाबा के आश्रम और वहां 20 वर्षों से जल रही अखंड ज्योति का भी जिक्र है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. मकर संक्रांति और मौन अमावस्या के लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं.