इंडियन नेवी की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। आधुनिक और स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस तारागिरी को नौसेना में शामिल कर लिया गया है। इसे नेवी ने समंदर का 'ईगल' नाम दिया है। 17 अल्फा प्रोजेक्ट के तहत बना यह नीलगिरी क्लास का नया स्टेल्थ फ्रिगेट है, जो अत्याधुनिक तकनीक और दुश्मन की नजरों से बचकर हमला करने में सक्षम है। इसके साथ ही परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत को भी नौसेना में शामिल किया गया है, जो पानी की सतह के नीचे छिपकर परमाणु हमले की क्षमता रखती है। यह देश की सुरक्षा की गारंटी और रणनीतिक संतुलन मजबूत करने में अहम होगी। इसके अलावा स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस को लेकर भी बड़ी खबर है। दो महीने पहले तकनीकी खराबी के चलते उड़ान पर लगी रोक के बाद अब तेजस विमानों को एक बार फिर से उड़ान की हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही 36 तेजस विमानों की फ्लीट आसमान में अपनी गर्जना से दुश्मन के होश उड़ाने के लिए तैयार होगी।
उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर जारी हैं। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या केदारनाथ धाम के लिए है। केदारनाथ पैदल मार्ग पर जमी भारी बर्फ को हटाने का काम जारी है और 22 अप्रैल से यहां की यात्रा शुरू होगी। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए 'क्राउड मैनेजमेंट' और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी की योजना बनाई है। केदारनाथ के लिए इस बार 8 हेलीकॉप्टर सेवाएं संचालित होंगी, जिनकी बुकिंग आईआरसीटीसी के पोर्टल से होगी। वाहनों के लिए 'ग्रीन कार्ड' अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने ईंधन की आपूर्ति के लिए वैकल्पिक संसाधनों जैसे पिरूल और कोयले के उपयोग का आश्वासन दिया है। बदरीनाथ में मास्टर प्लान के तहत सुधारीकरण कार्य जारी हैं, जहां 23 अप्रैल को कपाट खुलेंगे।
हनुमान जयंती के पावन अवसर पर पूरे भारत में उत्सव का माहौल है। अयोध्या के हनुमानगढ़ी और प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में विशेष सजावट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रयागराज में भगवान को छप्पन भोग लगाया जाएगा और काशी-कोलकाता के फूलों से श्रृंगार होगा। अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर स्थित हनुमान मंदिर पर 34 साल बाद विशेष ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें 150 विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। महाराष्ट्र के विदर्भ में स्थित अकोला के बारलिंगा गांव में 200 साल पुराने गरुड़ रूपी हनुमान मंदिर और अमरावती के जहांगीरपुर में महारुद्र मारुति के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा है। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार 30 साल बाद मीन राशि में सूर्य, शनि और मंगल की युति से 'त्रिगह योग' बन रहा है, जो भक्तों के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी माना जा रहा है।
देशभर में हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. राजस्थान के राजसमंद जिले के नाथद्वारा में गिरिराज पर्वत पर 131 फीट ऊंची विशाल हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया है. मूर्तिकार नरेश कुमावत द्वारा निर्मित यह प्रतिमा 500 फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जिसे बनाने में 115 टन स्टील और 40 टन फाइबर ग्लास का उपयोग हुआ है. वहीं, मध्य प्रदेश के छतरपुर में 51 फीट ऊंची और 171 क्विंटल वजनी अष्टधातु की प्रतिमा का अनावरण किया गया. इसके अलावा, गुजरात के द्वारका में भगवान कृष्ण और माता रुक्मिणी की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई, जो पोरबंदर के माधवपुर घेड़ मेले के समापन का प्रतीक है. अहमदाबाद के केसरा बालाजी मंदिर में देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों के स्वरूपों के दर्शन कराए जा रहे हैं. अयोध्या और प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर में भी जन्मोत्सव को लेकर विशेष सजावट और अनुष्ठान किए जा रहे हैं.
गुजरात के पोरबंदर जिले के माधवपुर में भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का भव्य आयोजन किया गया। मान्यता है कि कृष्ण ने रुक्मिणी का हरण कर इसी स्थान पर विवाह रचाया था। 27 मार्च 2026 से शुरू हुए इस पांच दिवसीय मेले में उत्तर-पूर्व भारत की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। कार्यक्रम में बताया गया कि 1840 में रानी रूपनिभा द्वारा पुनर्निर्मित माधवराय मंदिर इस पौराणिक घटना का प्रतीक है। दूसरी ओर, महावीर जयंती के अवसर पर जयपुर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें 24 स्वर्ण जड़ित रथ शामिल हुए। यहाँ 2625 श्रद्धालुओं ने एक साथ चवड़ डुलाकर विश्व कीर्तिमान स्थापित किया। इसके अलावा धौलपुर, अजमेर और प्रयागराज में भी भगवान महावीर के 'जियो और जीने दो' के संदेश के साथ जुलूस निकाले गए। बुलेटिन के अंत में समस्तीपुर के 59वें श्याम महोत्सव का जिक्र किया गया, जहाँ अखंड पाठ और फूलों की होली के साथ उत्सव का समापन हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे और प्रधानमंत्री एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे। जेवर में यह नया एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में से एक है। इसमें Digi Yatra, Self Baggage Drop, Automatic Gate और 10 Air Bridge जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं। एयरपोर्ट की इमारत पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासकर वृंदावन की कला संस्कृति से प्रेरित है। पहले साल 60 लाख यात्री यहां से उड़ान भर सकते हैं। पूरी तरह तैयार होने पर यह सालाना 7 करोड़ यात्रियों को संभाल सकता है। Indigo, Air India Express और Akasa एयरलाइंस ने यहां उड़ान भरने के लिए आवेदन किया है। दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जेवर एयरपोर्ट तक 31 किलोमीटर लंबा high speed corridor बनाया जा रहा है जिससे 15 मिनट में एयरपोर्ट पहुंचा जा सकेगा। यह कॉरिडोर गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली NCR को जोड़ेगा। एयरपोर्ट की cargo क्षमता 10 लाख टन है जिससे यूपी के कृषि उत्पाद सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचेंगे।
अयोध्या में राम जन्मोत्सव की भव्य तैयारी पूरी हो चुकी है। 27 मार्च की सुबह से राम मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे और दोपहर 12 बजे भगवान राम का सूर्य तिलक होगा। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए देश-विदेश से करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की उम्मीद है। राजघाट यज्ञ परिसर में 1251 हवन कुंड बनाए गए हैं जहां 5000 यजमान वैश्विक शांति के लिए महायज्ञ कर रहे हैं। जीयर स्वामी जी के सानिध्य में हो रहे इस यज्ञ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते हैं। अयोध्या धाम को 6 जोन और 29 सेक्टर में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षकों को सौंपी गई है। रामनवमी पर गजकेसरी योग, नवपंचम राजयोग, रवि योग, अमृतसिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं। चैत्र नवरात्र के दौरान अयोध्या के बड़ी देवकाली मंदिर सहित देशभर के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
अयोध्या में 27 मार्च को रामनवमी के भव्य आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। राम दरबार की स्थापना के बाद यह पहली रामनवमी है। राममंदिर के प्रथम तल पर राजाराम का भव्य दरबार सजेगा। सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक अभिषेक होगा। 10:40 से 11:45 बजे तक दिव्य शृंगार होगा। दोपहर 12:00 बजे जन्मोत्सव आरती के साथ पट खुलेंगे और सूर्य तिलक का अद्भुत दृश्य चार मिनट तक दिखाई देगा। गर्भगृह में फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी जिसमें कई क्विंटल देसी विदेशी फूलों का इस्तेमाल होगा। भगवान को 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और छह क्विंटल पंजीरी का विशेष भोग दिया जाएगा। दशरथ महल में बनारस के प्रसिद्ध कलाकारों की शहनाई गूंज रही है। कनक भवन में भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। लाखों श्रद्धालुओं के आगमन के लिए सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
चैत्र नवरात्र के दौरान देशभर के प्रमुख देवी मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ा है। कटरा में माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए नवरात्र के पांच दिनों में ही करीब दो लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। शनिवार को जब यात्रियों की संख्या चालीस हजार पार कर गई तो एहतियातन रजिस्ट्रेशन पर अस्थायी रोक लगानी पड़ी। दिल्ली के कालकाजी, झंडेवाला और छतरपुर मंदिर में भी रोज हजारों की संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। कालकाजी मंदिर दिल्ली के प्राचीनतम मंदिरों में शुमार है जिसकी कहानी महाभारत काल से जुड़ी है। अयोध्या के बड़ा देवकाली मंदिर में भी भक्तों का हुजूम लगा है। बड़ा देवकाली को भगवान राम की कुलदेवी माना जाता है और मान्यता है कि इनके आशीर्वाद से ही भगवान राम को रावण पर विजय मिली थी। प्रयागराज के अलोपशंकरी मंदिर और भोपाल के कालीघाट मंदिर में भी श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होगी जिन्हें शहद और पान का भोग प्रिय है।