प्रयागराज के माघ मेले में बसंत पंचमी के बाद साधु-संतों की विदाई का सिलसिला शुरू हो गया है. इस अवसर पर दंडी बाड़ा के मछली बंदर मठ में संतों ने फूलों और गुलाल के साथ भव्य होली खेली. कर्नल महीम शर्मा ने बताया कि 'यह बहुत सालों से चली आ रही एक ट्रेडिशन का पाठ है जिसके तहत एक यात्रा निकलती है माघ के समय में ओडी फोर्ट से लेकर गंगा नदी पर और गंगा जी पर आकर गंगा जी की पूजा की जाती है.' मेले में आयुध भंडार (OD Fort) द्वारा 1960 के दशक से चली आ रही ध्वज निशान अर्पण की परंपरा निभाई गई.
गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में एंकर Shubham Singh ने उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में हो रही भारी बर्फबारी और कड़कड़ाती ठंड पर विस्तृत रिपोर्ट पेश की है. शुभम सिंह ने बताया कि 'पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में मौसम ने करवट ली है' और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में जबरदस्त हिमपात हो रहा है. कश्मीर के सोनमर्ग में आए बर्फीले तूफान (एवलांच) के बाद प्रशासन ने आठ जिलों में अलर्ट जारी किया है.
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प्रयागराज के माघ मेले में बसंत पंचमी के अवसर पर आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला. गुड न्यूज़ टुडे की एंकर श्वेता झा ने बताया कि 'मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं की तादाद 2 करोड़ तक पहुंच गई है.' इस पावन अवसर पर मोक्षदायिनी गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं और तीन कंट्रोल रूम से निगरानी की जा रही है. विशेष आकर्षण के केंद्र मौनी बाबा रहे, जिन्होंने आतंकवाद के खात्मे के संकल्प के साथ लेटकर संगम तक की दूरी तय की. वहीं, गोल्डन बाबा और पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने भी पवित्र स्नान किया. प्रशासन के अनुसार, रविवार तक यह आंकड़ा 4 करोड़ के पार जा सकता है.
प्रयागराज के माघ मेला 2026 में बसंत पंचमी के चौथे पावन स्नान की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. संगम जोन के अधिकारी Ashok Kumar ने बताया कि 'कल चौथा मेन स्नान बसंत पंचमी का है और अनुमानित 2 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.' उन्होंने जानकारी दी कि सुरक्षा के लिए 12-12 घंटे की शिफ्ट में पुलिस बल तैनात किया गया है और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाटों की लंबाई 2 किमी से बढ़ाकर 3.5 किमी कर दी गई है. मेले में यूपी एटीएस, आरएएफ और जल पुलिस की टीमें मुस्तैद हैं. 23 जनवरी को होने वाले इस 'अमृत स्नान' के लिए प्रशासन ने सात पांटून पुलों की व्यवस्था की है ताकि भीड़ नियंत्रण सुचारू रहे. श्रद्धालुओं के लिए रात 12 बजे के बाद वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा.
प्रयागराज के माघ मेले में मकर संक्रांति के अवसर पर आस्था का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट गुड न्यूज़ टुडे के संवाददाता शुभम सिंह ने पेश की है। शुभम सिंह के अनुसार, 'मकर संक्रांति के दो दिन के स्नान में करीब 2 करोड़ लोगों ने संगम पर पवित्र डुबकी लगाई है।' इस ऐतिहासिक कीर्तिमान के दौरान प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। रिपोर्ट में बताया गया कि कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और सूर्यास्त के बाद भी दीपदान का सिलसिला जारी रहा.
माघ मेले में मकर संक्रांति के स्नान की जबरदस्त रौनक है आज सुबह से संगम पर स्नान के लिए लाखों की तादाद में लोग आए। और प्रशासन का दावा है कि आंकड़ा 80 लाख से ज्यादा रहा। कल यानी गुरुवार को भी मकर संक्रांति का स्नान होगा, और माना जा रहा है कि आंकड़ा 2 करोड़ पार जा सकता है। इस आंकड़े से आप समझ सकते हैं माघ मेले को लेकर यूं ही मिनी महाकुंभ नहीं कहा जा रहा है। आज आपको संक्रांति स्नान की धूम, कल के स्नान की तैयारी के साथ साथ मेले के हैरान करने वाले रंग दिखाएंगे। साथ ही मिलावाएंगे जंगम जोगियों से, जिनका शिव पुराण गायन मेले की रौनक बढा रहा है।