गुजरात और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में दूध के बजाय वनस्पति तेल और स्टार्च से बनने वाले एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सस्ती कीमत और भारी मांग के कारण होटल तथा रेस्टोरेंट में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था. खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में पाया गया कि यह नकली पनीर पाम ऑयल और केमिकल्स से तैयार किया जाता है, जिसमें प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्व न के बराबर होते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एनालॉग पनीर का सेवन दिल की बीमारियों, मोटापे और पाचन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है. इसके लगातार सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है. असली और नकली पनीर की पहचान के लिए विशेषज्ञों ने बताया है कि शुद्ध पनीर हाथ से मसलने पर नरम और दानेदार होता है तथा इसमें दूध जैसी ताजी महक आती है, जबकि एनालॉग पनीर रबड़ की तरह खींचता है.