भारत रक्षा खर्च के मामले में दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश बन गया है। सिपरी की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025 में भारत का सैन्य खर्च 8.9 फीसदी बढ़कर 92.1 अरब डॉलर यानी 8.71 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यह वैश्विक सैन्य खर्च का 3.2 फीसदी है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत सरकार ने रक्षा खरीद और सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दिया है। इसके अलावा, रूस ने भारतीय नौसेना को 1500 किलोमीटर रेंज वाली कैलिबर पीएल सबमरीन लॉन्च क्रूज मिसाइल का प्रस्ताव दिया है। इस मिसाइल से पनडुब्बियां समंदर से ही दुश्मन के जमीनी ठिकानों को निशाना बना सकती हैं। वहीं, भारतीय वायुसेना अपने सुखोई-30MKI लड़ाकू विमानों को 'सुपर सुखोई' में अपग्रेड करने जा रही है। इसके लिए स्वदेशी वेपन इंटीग्रेशन टेस्टर विकसित किया जा रहा है, जिससे बिना रूसी सोर्स कोड के नए हथियारों को सुखोई में जोड़ा जा सकेगा। अपग्रेड के बाद सुखोई में एईएसए रडार और ड्रोन कंट्रोल जैसी आधुनिक क्षमताएं होंगी।