scorecardresearch

Jagannath Rath Yatra: पुरी में गुंडिचा मंदिर पहुंचे भगवान जगन्नाथ, दिल्ली में 11 हजार किलो आम का भोग और जयपुर की रथयात्रा

पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा का पहला चरण पूरा हो गया है। बारिश और सूर्यास्त के कारण रुकी यात्रा अगले दिन सुबह फिर शुरू हुई और भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ श्री गुंडिचा मंदिर पहुंच गए। अब भगवान सात दिनों तक गुंडिचा मंदिर में भक्तों को दर्शन देंगे। लगातार बारिश के कारण पारंपरिक पुष्प मुकुट 'ताहिया' का वजन बढ़ने से इस बार भगवान बिना ताहिया के नजर आए। पुरी के अलावा देश के अन्य हिस्सों में भी रथयात्रा की धूम रही। दिल्ली के द्वारका इस्कॉन मंदिर में 11 हजार किलो आम का विशेष भोग लगाया गया। वहीं, जयपुर में करीब 250 साल पुरानी परंपरा बदलते हुए पहली बार तीनों भगवान अलग-अलग रथों पर विराजमान हुए, जहां महिलाओं ने सुरक्षा संभाली। उदयपुर में 375 वर्ष पुराने ऐतिहासिक लकड़ी के रथ और 95 किलो चांदी के रथ का उपयोग किया गया। प्रयागराज में भी भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण पर निकले, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।