देशभर में त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ महालय का पर्व मनाया जा रहा है, जिससे पितृपक्ष का समापन और शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो रहा है। महालय पर पितरों की विदाई और मां दुर्गा के धरा पर आगमन की परंपरा निभाई जाती है। अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ 11 अक्टूबर को घट स्थापना की जाएगी, जिसके लिए सुबह और अभिजीत मुहूर्त निर्धारित हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न शहरों में दुर्गा पूजा पंडालों में मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दूसरी ओर, अंबाला से लेकर दिल्ली तक रामलीला मंचन की तैयारियां अंतिम दौर में हैं, जहां श्रीराम भारतीय कला केंद्र में डांस ड्रामा के माध्यम से मंचन किया जाएगा। साथ ही दिल्ली के द्वारका में 221 फीट से ऊंचे विशालकाय रावण के पुतले का निर्माण भी तेजी से चल रहा है।