महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर इस वर्ष एक ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत हुई है, जहां भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि मथुरा से बाबा काशी विश्वनाथ के लिए विशेष विवाह वस्त्र, मिष्ठान और फल भेजे गए हैं. 'यह पहली बार है जब महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा विश्वनाथ के लिए नए कपड़े और मिष्ठान भेजे गए हैं,' जो वैष्णव और शैव परंपरा के अद्भुत समन्वय को दर्शाता है. काशी विश्वनाथ धाम में माता वैष्णो देवी समेत देश के 18 प्रमुख मंदिरों से भी उपहार पहुंचे हैं. वहीं, उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि के नौ दिवसीय उत्सव के तहत बाबा का 'घटाटोप' स्वरूप में भव्य शृंगार किया गया. हरिद्वार में भी फागुनी कावड़ यात्रा की धूम है, जहां हजारों श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं. प्रशासन के अनुसार, महाशिवरात्रि पर काशी में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.