सावन के पहले सोमवार के अवसर पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया. उज्जैन में भगवान महाकाल की भव्य सवारी निकाली गई, जिसमें राजा महाकाल की रजत पालकी के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु सड़कों पर मौजूद रहे. शिप्रा नदी के तट पर महाकाल का अभिषेक और पूजन किया गया. इसके साथ ही प्रयागराज में सावन के पहले सोमवार पर यमुना पुल पर पारंपरिक इक्कों की दौड़ यानी गहरेबाज़ी का आयोजन हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. वहीं हरिद्वार और देवघर की कांवड़ यात्रा में भक्ति और पारिवारिक संवेदना के अनोखे रूप देखने को मिले. हरिद्वार में जहां पोते अपनी सौ साल की दादी को पालकी में बिठाकर कांवड़ यात्रा पर ले गए, वहीं देवघर की यात्रा में एक पिता अपनी दो महीने की बेटी को कांवड़ में लेकर पहुंचे. इसके अलावा युवाओं के दलों ने स्केटिंग करते हुए भी बाबा बैद्यनाथ के धाम की यात्रा पूरी की.