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Ujjain में महाकाल की राजसी सवारी, उत्तराखंड में नंदा जात यात्रा और गणेशोत्सव की तैयारी

उज्जैन में भादो माह के आखिरी सोमवार पर भगवान महाकाल की छठी और अंतिम राजसी सवारी धूमधाम से निकाली गई. भगवान चंद्रमौलेश्वर रजत पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले और छह दिव्य स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए. वहीं उत्तराखंड के चमोली जिले के सिद्धपीठ कुरूड़ से मां नंदा की बारह वर्ष बाद होने वाली पारंपरिक बड़ी जात विदाई यात्रा शुरू हुई. लगभग 280 किलोमीटर की यह कठिन पैदल यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए होमकुंड तक जाएगी, जहां मां नंदा को कैलाश के लिए विदा किया जाएगा. इसके साथ ही देश भर में गणेश उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं. गुजरात के सूरत में जहां अनोखी थीम पर बप्पा की अगवानी हुई और 22 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली प्रतिमा स्थापित की जा रही है, वहीं महाराष्ट्र के जालना और मध्य प्रदेश के आगर मालवा में मूर्तिकार आकर्षक स्वरूपों में गणपति प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं.