मार्च महीने में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम ने अचानक करवट बदली है, जिसके चलते हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बेमौसम बर्फबारी हुई है. हिमाचल के डलहौजी, मनाली और कुल्लू में भारी हिमपात से पहाड़ फिर से सफेद चादर से ढक गए हैं, जबकि निचले इलाकों में बारिश से ठंडक बढ़ गई है. इस बर्फबारी का असर यातायात पर भी पड़ा और अटल टनल के पास वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई. यह मौसमी बदलाव लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए वरदान साबित हुआ है. यह बर्फबारी गेहूं, सरसों, मसूर जैसी रबी फसलों के साथ-साथ सेब, आड़ू और खुबानी की बागवानी के लिए भी फायदेमंद होगी. इस पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर जैसे मैदानी इलाकों पर भी पड़ा है, जहां आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है.