उत्तराखंड स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद आज सुबह 6:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं. मंदिर परिसर को 25 क्विंटल फूलों से सजाया गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अतापी-वातापी राक्षसों के कारण कपाट खुलने पर शंख या वाद्य यंत्र नहीं बजाया गया. दक्षिण भारत के नंबूदरी ब्राह्मण समुदाय के मुख्य पुजारी रावल ने कपाट खोलने की परंपरा निभाई. कपाट खुलने पर श्रद्धालुओं ने सबसे पहले छह महीने से जल रही अखंड ज्योति के दर्शन किए. आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा नारद कुंड से निकालकर स्थापित की गई भगवान विष्णु की मूर्ति के दर्शन हेतु हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं. चारधाम यात्रा के तहत टोकन व्यवस्था के जरिए दर्शन कराए जा रहे हैं. देखिए शुभ समाचार.