रथ यात्रा उत्सव के अंतिम और बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव बहुड़ा यात्रा से पहले धार्मिक परंपराओं का सिलसिला शुरू हो गया है..रथों की जांच कर ली गई है..साथ ही दक्षिण मोड़ परंपरा भी निभाई ली गई है. इसमें भगवान जगन्नाथ और उनके भाई बहन के तीनों रथों को दक्षिण दिशा में मोड़कर रखा गया. यहीं से कल बहुड़ा यात्रा शुरू होगी. बहुड़ा यात्रा असल में रथ यात्रा उत्सव के समापन का पर्व है. इसमें भगवान जगन्नाथ गुंडिचा मंदिर से श्री मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे.. तीनों रथ नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन अपने मूल स्थान श्रीमंदिर की ओर लौटेंगे. आस्था के ये रंग पुरी नगरी ही नहीं देशभर में फैले हैं.