सावन के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष व्रत के संयोग पर देशभर के प्रमुख शिवालयों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों की भारी भीड़ दर्ज की गई. उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में तड़के पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म आरती और भव्य शृंगार संपन्न हुआ. इसके अलावा काशी विश्वनाथ, सोमनाथ धाम, देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम, दिल्ली के गौरीशंकर मंदिर, हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव, अयोध्या के नागेश्वरनाथ मंदिर, प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर, मुंबई के बाबुलनाथ मंदिर और हापुड़ के साबली महादेव मंदिर में सुबह से जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक के लिए लंबी कतारें देखी गईं. वाराणसी में कांवड़ियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया, जबकि प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट पर गंगाजल भरने के लिए कांवड़ियों का तांता लगा रहा. कांवड़ यात्रा के दौरान गंगोत्री से दिल्ली तक 1 वर्षीय बच्ची आराध्या, 45 वर्षीय दिव्यांग सुनील और हरिद्वार से वृंदावन तक प्रेमानंद महाराज के लिए दंडवत यात्रा करने वाले फरीदाबाद के शिव भक्त की यात्राएं भी सामने आईं.