एंथ्रोपिक की रिपोर्ट के अनुसार भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करने के मामले में दुनिया में दूसरे स्थान पर है. भारत में एआई से सर्वाधिक 7.9 प्रतिशत सवाल शिक्षा और बच्चों के होमवर्क से संबंधित पूछे जाते हैं. इसके अलावा बिजनेस ऑप्शंस, वेब डेवलपमेंट, कोडिंग, ग्राफिक्स, मैथ्स और नए इनोवेशन के क्षेत्रों में भी एआई टूल्स का प्रयोग बढ़ रहा है. अमेरिका में बिजनेस ऑप्शंस से जुड़े सवाल शीर्ष पर हैं. एक विशेष चर्चा के दौरान टेक एक्सपर्ट्स ने एआई के फायदों और उससे जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण किया. विशेषज्ञों के अनुसार एआई शिक्षा प्रणाली, स्किल डेवलपमेंट और मानसिक स्वास्थ्य देखभाल में सहायक है, लेकिन डेटा की सटीकता को लेकर ह्यूमन इंटरवेंशन और फैक्ट-चेक आवश्यक है. एआई पर अत्यधिक निर्भरता से बच्चों की मौलिक सोच, व्यावहारिक समझ और सोचने की क्षमता पर असर पड़ रहा है. कार्यक्रम में नौकरियों के नुकसान, निजता, साइबर सुरक्षा के जोखिम और इंसानों जैसे व्यवहार करने वाले एआई मॉडल्स पर चीन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर भी चर्चा की गई.