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ये हुई ना बात

रामनवमी 2026: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि और अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक और 56 भोग

27 मार्च 2026

अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला का दिव्य 'सूर्य तिलक' संपन्न हुआ. दोपहर 12 बजे के करीब, सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक पड़ीं, जिसका करोड़ों श्रद्धालुओं ने सीधा प्रसारण देखा. इस आयोजन से पूर्व, रामलला का विशेष अभिषेक किया गया और उन्हें पीले वस्त्र पहनाकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया. यह उत्सव केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं रहा; देशभर में रामनवमी धूमधाम से मनाई गई, जिसमें पटना के महावीर मंदिर में लाखों भक्त उमड़े और श्रीनगर में 36 साल बाद रघुनाथ मंदिर के कपाट खुले. यह दिन चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन भी था, जिस दिन सिद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अमृत सिद्धि, सर्वार्थसिद्धि और रवियोग के संयोग के कारण विशेष महत्वपूर्ण रहा.

राम नवमी 2026: अयोध्या में सूर्य तिलक की तैयारी, पुनर्वसु नक्षत्र में शुभ संयोग

26 मार्च 2026

अयोध्या में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी का पर्व भव्यता के साथ मनाया जा रहा है, जिसके लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. इस वर्ष का मुख्य आकर्षण रामलला का 'सूर्य तिलक' है, जो दोपहर ठीक 12 बजे होगा. इस चार मिनट की अवधि में सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक को सुशोभित करेंगी, जिसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा. बेंगलुरु के वैज्ञानिकों की टीम ने इस विशेष आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस रामनवमी पर गजकेसरी, रवि, अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि जैसे कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जो पूजन के लिए अत्यंत फलदायी हैं. पूरी अयोध्या नगरी को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती शामिल है.

रामनवमी 26 या 27 मार्च: गृहस्थों के लिए 26 को व्रत, अयोध्या में 27 को भव्य उत्सव

24 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा अष्टमी और राम नवमी की तिथि को लेकर बने असमंजस पर ज्योतिषियों ने स्पष्टीकरण दिया है. पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे समाप्त होगी, जिसके तुरंत बाद नवमी तिथि लग जाएगी जो 27 मार्च सुबह 10:06 तक रहेगी. ज्योतिषियों का मत है कि गृहस्थों के लिए 26 मार्च को राम नवमी मनाना उत्तम है, क्योंकि इस दिन भगवान राम के जन्म का कर्क लग्न और गज केसरी जैसे शुभ योग बन रहे हैं. वहीं, वैष्णव समाज, साधु-संत और अयोध्या के मठ-मंदिर उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को राम जन्मोत्सव मनाएंगे. अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में 27 मार्च को दोपहर 12 बजे मुख्य उत्सव होगा, जिसमें वैज्ञानिक तकनीक द्वारा रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा. इस अवसर पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है और अयोध्या में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं.

मार्च में बेमौसम बारिश, किसानों की फसलों में भारी नुकसान, स्वास्थ्य पर भी असर

23 मार्च 2026

मार्च के महीने में मौसम का मिजाज अप्रत्याशित बना हुआ है, जिसमें कभी तेज गर्मी तो कभी बादल और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है और आने वाले दिनों में भी इसके जारी रहने की संभावना है. इस बेमौसम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने देशभर में, खासकर राजस्थान जैसे राज्यों में, जीरा और रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञ बता रहे हैं कि पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि, वनों की कटाई और बढ़ते शहरीकरण से वायुमंडलीय संतुलन बिगड़ रहा है. इस बदलते मौसम का असर सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. चिकित्सकों ने बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है.

नवरात्रि के व्रत में सात्विक भोजन का महत्व ? ज्योतिषाचार्य से जानिए

20 मार्च 2026

चैत्र नवरात्र के अवसर पर गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में ज्योतिष आचार्यों और डायटीशियन ने उपवास के आध्यात्मिक और वैज्ञानिक लाभों पर विस्तृत चर्चा की. ज्योतिषाचार्य अरविंद शुक्ला, वाणी आर्या और श्रुति खरबंदा के अनुसार, व्रत का अर्थ केवल अन्न त्यागना नहीं बल्कि ईश्वर के निकट रहकर मानसिक शुद्धि, धैर्य और आत्म-अनुशासन विकसित करना है. दुर्गा सप्तशती के अनुसार निराहार रहकर आराधना करने से शरीर ऊर्जावान होता है और सात्विक भोजन से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. डायटीशियन गीतिका चोपड़ा ने स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से बताया कि नौ दिन के उपवास से शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, पाचन तंत्र सुधरता है और इम्यूनिटी बढ़ती है. आहार में राजगीरा, कुट्टू, मखाना, पनीर और दही जैसे पोषक तत्वों को शामिल करने की सलाह दी गई है. विशेषज्ञों ने खाली पेट चाय-कॉफी के स्थान पर नारियल पानी और नींबू पानी से हाइड्रेशन बनाए रखने पर जोर दिया. संतुलित व्रत की थाली में कॉम्प्लेक्स कार्ब्स, प्रोटीन और फाइबर का सही मिश्रण होना अनिवार्य है.

अयोध्या राम मंदिर में 150 किलो सोने का यंत्र स्थापित, 131 देवी देवताओं की विग्रह समाहित

19 मार्च 2026

अयोध्या के श्री राम मंदिर में चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने श्री राम यंत्र की स्थापना की. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिजीत मुहूर्त में हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के प्रमुख साधु-संत शामिल हुए. यह स्वर्ण जड़ित यंत्र लगभग 150 किलोग्राम का है, जिसका आकार तीन फीट लंबा और चौड़ा है. इस यंत्र में श्री राम के परिवार को केंद्र में रखते हुए 131 देवी-देवताओं के विग्रह और चित्र समाहित हैं. इसे आंध्र प्रदेश के तिरुपति से कांची पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य विजेंद्र सरस्वती एक रथयात्रा के माध्यम से अयोध्या लाए थे. ज्योतिषियों के अनुसार, यह स्थापना दशकों बाद बने एक विशेष ज्योतिषीय संयोग में हुई है. जानकारों का मानना है कि इस यंत्र की स्थापना से श्री राम मंदिर दैवीय ऊर्जा के एक सशक्त केंद्र के रूप में स्थापित हो गया है, जिसकी सकारात्मक ऊर्जा कई किलोमीटर तक फैलेगी.

72 साल बाद चैत्र नवरात्रि 2026, माता पालकी में आ रहीं और हाथी पर जाएंगी, जानें शुभ मुहूर्त और महाउपायकी छाया में शुरुआत, 4 बार सर्वार्थ सिद्धि योग

18 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से हो रहा है, जिसमें 72 वर्षों के बाद अमावस्या और प्रतिपदा तिथि एक ही दिन पड़ने का दुर्लभ संयोग बन रहा है. यह पर्व 27 मार्च को रामनवमी के साथ संपन्न होगा. इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन पालकी पर और प्रस्थान हाथी पर होगा. कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 06:52 से 07:43 तक और अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:05 से 12:53 तक निर्धारित है. इस नवरात्रि में सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि और द्विपुस्कर जैसे कई शुभ योग बन रहे हैं. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, विभिन्न देवी स्वरूपों की पूजा से ग्रह दोषों का निवारण संभव है. मां कुष्मांडा सूर्य, स्कंदमाता बुध, कात्यायनी गुरु, कालरात्रि शनि, महागौरी राहु और सिद्धिदात्री केतु ग्रह को नियंत्रित करती हैं. पूजा विधान के अंतर्गत कलश में रोली, चावल, हल्दी और गंगाजल का प्रयोग अनिवार्य है. मां के विभिन्न स्वरूपों को मालपुए, केले, शहद, गुड़ और नारियल का भोग अर्पित किया जाता है. यह समय आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्म शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.

मौसम में बदलाव: 50 डिग्री तक जा सकता है पारा, मौसम रहेगा Unpredictable? जानिए

17 मार्च 2026

मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में 21 मार्च तक बारिश और आंधी की भविष्यवाणी की है. 18 से 20 मार्च के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसके तहत 20 मार्च को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, एक साथ आठ वेदर सिस्टम सक्रिय होने और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव आया है. हालांकि, इस बेमौसम बारिश के बाद भीषण गर्मी का अनुमान है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अल नीनो के प्रभाव के कारण इस साल गर्मी लंबी रह सकती है और मई-जून में तापमान 40 से 50 डिग्री तक पहुंच सकता है. राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में भीषण गर्मी और लू की सबसे अधिक आशंका है. विशेषज्ञों ने इसे 'न्यू नॉर्मल' बताते हुए जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए सूखा प्रतिरोधी फसलें उगाने और वेटलैंड्स की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाने पर जोर दिया है.

मिडिल ईस्ट संकट के बीच सोना-चांदी में गिरावट, निवेशकों के लिए क्या है सलाह

16 मार्च 2026

मिडिल ईस्ट में तनाव के बावजूद, पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. इस गिरावट के पीछे डॉलर की मजबूती, बॉन्ड यील्ड में उछाल और निवेशकों द्वारा की जा रही मुनाफावसूली मुख्य कारण हैं. अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यह कीमतों में एक टैक्टिकल करेक्शन है, न कि ट्रेंड रिवर्सल. विशेषज्ञों ने यह भी बताया है कि सेंट्रल बैंक फिलहाल सोने की खरीद नहीं कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना है. इस अनिश्चित माहौल में, छोटे निवेशकों को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से बचने की सलाह दी गई है. हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें हर बड़ी गिरावट पर निवेश करने और पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने का सुझाव दिया गया है. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई भी बाजार पर अल्पकालिक दबाव बनाए हुए हैं.

कुनो नेशनल पार्क से आई खुशखबरी, भारत में बढ़ी चीतों की संख्या

14 मार्च 2026

कुनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण की खुशखबरी आई है। मादा चीता ज्वाला ने पांच शावकों को जन्म दिया है और यह तीसरी बार मां बनी है। ज्वाला 2022 में नामीबिया से भारत लाई गई थी और अब पूरी तरह भारतीय हो चुकी है। फरवरी 2025 में मादा चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया था। इन नए शावकों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या तिरपन हो गई है। प्रोजेक्ट चीता के तहत सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीते और 2023 में दक्षिण अफ्रीका से बारह चीते भारत लाए गए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीते भारत के मौसम और जंगलों के माहौल में पूरी तरह ढल रहे हैं। सरकार की योजना चीतों को गांधी सागर अभयारण्य और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी बसाने की है।