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ये हुई ना बात

रंगभेद और बॉडी शेमिंग से टूट रही शादियां, काले रंग के ताने और झूठे केस की धमकियां

28 मई 2026

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पति-पत्नी के बीच विवाद का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक महिला पर अपने पति के सांवले रंग को लेकर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगा है. पति और उसकी मां द्वारा पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, पत्नी लगातार रंगभेद और बॉडी शेमिंग करते हुए अपमानजनक टिप्पणी करती है. इसके साथ ही, महिला पर आईफोन और एसी जैसी महंगी वस्तुओं की मांग करने और मांग पूरी न होने पर आत्महत्या व झूठे केस में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना आधुनिक समाज में बढ़ते भौतिकवाद, सोशल मीडिया के प्रभाव और औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाती है. कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि रंग या रूप के आधार पर तलाक का प्रावधान नहीं है, लेकिन ऐसे विवादों से घरेलू हिंसा और मानसिक तनाव के मामले बढ़ रहे हैं. समाजशास्त्रियों ने रिश्तों में बढ़ते दिखावे और असुरक्षा को कम करने के लिए प्रोफेशनल काउंसलिंग और आपसी समझ को अनिवार्य बताया है. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है.

बॉम्बे हाईकोर्ट का अहम फैसला: पत्नी का खाना न बनाना क्रूरता नहीं, शादी बराबरी का रिश्ता है

27 मई 2026

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक तलाक मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि शादी बराबरी का रिश्ता है, कोई सर्विस कॉन्ट्रैक्ट नहीं. अदालत ने 2002 में हुई शादी के 24 साल पुराने विवाद पर सुनवाई करते हुए फैमिली कोर्ट द्वारा मंजूर किए गए तलाक को रद्द कर दिया है. कोर्ट के अनुसार, पत्नी द्वारा खाना न बनाना या घर के काम न करना मानसिक क्रूरता का आधार नहीं हो सकता. 2004 में तलाक मिलने और 2010 में गुजारा भत्ता खारिज होने के बाद पत्नी ने हाईकोर्ट का रुख किया था. अब मई 2026 में कोर्ट ने पत्नी के पक्ष में फैसला देते हुए गुजारे भत्ते को मंजूरी दी और दंपती को दोबारा साथ रहने का आदेश दिया है. कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इतने लंबे समय तक अलग रहने के बाद साथ रहना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन कानूनी तौर पर वे अब भी पति-पत्नी हैं. इस मामले ने शादी के शुरुआती वर्षों में फैमिली काउंसलिंग की आवश्यकता और 'इरिट्रीवेबल ब्रेकडाउन ऑफ मैरिज' जैसे कानूनी पहलुओं पर नई बहस छेड़ दी है.

12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और भविष्य की चिंताओं पर केंद्रित इस विशेष चर्चा में 12वीं के नतीजों के बाद छात्रों में तनाव, एक्सपर्ट्स से जानें कैसे कम करें बच्चों का प्रेशर

22 मई 2026

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों में बढ़ते मानसिक तनाव और भविष्य की चिंताओं पर केंद्रित इस विशेष चर्चा में शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए हैं. सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों की सहायता के लिए फ्री टेली-काउंसलिंग और ईमेल सेवा शुरू की है. हेल्पलाइन काउंसलर डॉ. नेहा शर्मा और विशेषज्ञों के अनुसार, कम अंक आने पर बच्चों की तुलना दूसरों से करना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. अब दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों में प्रवेश के लिए CUET की सुविधा उपलब्ध है, जिससे बोर्ड के अंकों का दबाव कम हुआ है. नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत विषयों के चयन में लचीलापन और स्किल डेवलपमेंट, वोकेशनल कोर्सेज व आईटी जैसे क्षेत्रों में करियर के अनेक विकल्प मौजूद हैं. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी भी मांग सकते हैं. अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे केवल अंकों के आधार पर स्ट्रीम तय करने के बजाय बच्चों की रुचि और जुनून को प्राथमिकता दें.

सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, आवारा कुत्तों को शेल्टर होम भेजें राज्य सरकारें, नहीं तो होगी कार्रवाई

19 मई 2026

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों पर कड़ा रुख अपनाते हुए 7 नवंबर के अपने आदेश में संशोधन से इनकार कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल, स्कूल, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाकर शेल्टर होम में स्थानांतरित करना राज्य सरकारों और नगर निगमों की जिम्मेदारी है. कोर्ट ने अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए कहा कि बिना कुत्ते के काटने के डर के जीना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है. आदेश के अनुसार, देशभर में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बनाने और पर्याप्त एंटी-रेबीज दवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. अदालत ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने बुनियादी ढांचे की कमी पर चिंता जताई है. चर्चा में यह भी सामने आया कि पशु कल्याण फंड के दुरुपयोग की स्थिति में एनजीओ हाईकोर्ट जा सकते हैं. पालतू कुत्तों के मालिकों को भी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.

चिलचिलाती गर्मी में डाइट, फिटनेस और मेंटल हेल्थ का कैसे रखें ध्यान? जानें एक्सपर्ट्स की राय

18 मई 2026

देश के कई हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने भीषण गर्मी और लू का अलर्ट जारी किया है. इस चिलचिलाती गर्मी में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने शारीरिक और मानसिक देखभाल के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं. शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए दिन में 3 से 4 लीटर पानी, नारियल पानी, सत्तू, आम पन्ना और छाछ जैसे प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन करें, जबकि चाय, शराब और चिल्ड बीयर से परहेज करें क्योंकि ये डिहाइड्रेशन बढ़ाते हैं. डाइट में खीरा, तरबूज और गोंद कतीरा शामिल करें. त्वचा की सुरक्षा के लिए SPF 50 सनस्क्रीन और सफेद छाते का उपयोग करें. मानसिक शांति और शरीर को ठंडा रखने के लिए शशांक आसन, शीतली प्राणायाम और चंद्र भेदी प्राणायाम का अभ्यास लाभकारी है. विशेषज्ञों के अनुसार, 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद और डिजिटल डिटॉक्स के जरिए गर्मी से होने वाले चिड़चिड़ेपन को कम किया जा सकता है. बाहर जाते समय ओआरएस साथ रखें और संक्रमण से बचने के लिए ताज़ा पका हुआ भोजन ही करें.

शनि अमावस्या पर साढ़ेसाती और ढैय्या के अचूक उपाय, जानें किन राशियों की चमकेगी किस्मत

15 मई 2026

ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर शनि जन्मोत्सव मनाया जा रहा है, जो इस बार 13 साल बाद शनिवार के दिन पड़ने के कारण एक दुर्लभ महासंयोग है. इस अवसर पर बुधादित्य, षष्ठ महापुरुष, केदार और सौभाग्य योग का निर्माण हो रहा है. शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. ज्योतिषियों के अनुसार, शनि जयंती पर वट सावित्री व्रत का भी संयोग है. कुंभ, मीन और मेष जैसी साढ़ेसाती से प्रभावित राशियों के लिए पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना, छाया दान और 'ओम शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करना लाभकारी बताया गया है. गुड न्यूज़ टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा और अन्य विशेषज्ञों ने राशियों के अनुसार उपाय साझा किए हैं. वृष से मीन राशि तक के जातकों को तिल का तेल, उड़द की दाल, नीले वस्त्र और लोहे की वस्तुओं के दान की सलाह दी गई है. अनुशासन और परिश्रम से शनि देव की कृपा प्राप्त की जा सकती है.