प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागरिकों से एक वर्ष तक सोने की खरीद टालने की अपील की है. भारत प्रतिवर्ष लगभग 700 से 800 टन सोने का आयात करता है, जिससे चालू खाता घाटा (CAD) और आयात बिल पर भारी दबाव पड़ता है. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच इस कदम को वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, सराफा बाजार और आभूषण कारोबारियों ने इस अपील से व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को 2015 की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए ताकि घरों में रखा निष्क्रिय सोना बाजार में आ सके. इसके अतिरिक्त, निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड के स्थान पर गोल्ड ईटीएफ, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया गया है. घरेलू सोने के खनन और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना भी आयात निर्भरता कम करने का एक प्रमुख समाधान बताया गया है.
गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया. इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर के 90 मीटर ऊंचे मुख्य शिखर पर पहली बार अलौकिक कुंभाभिषेक संपन्न हुआ, जिसके लिए 11 पवित्र नदियों के जल का उपयोग किया गया. महोत्सव के समापन पर भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण टीम ने हवाई करतब दिखाए और चेतक हेलीकॉप्टर्स द्वारा पुष्प वर्षा की गई. कार्यक्रम के दौरान सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास, इसकी प्राचीन वास्तुकला और विदेशी आक्रमणों के बाद हुए पुनर्निर्माण पर विस्तृत चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने मंदिर के उस चुंबकीय प्रभाव का भी उल्लेख किया जिसके कारण प्राचीन ज्योतिर्लिंग हवा में स्थित रहता था. इस आयोजन में सनातन संस्कृति, आयुर्वेद और ज्योतिष के महत्व को रेखांकित करते हुए सोमनाथ को शिक्षा एवं विज्ञान के केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया गया. यह महोत्सव भारतीय आस्था और सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक के रूप में मनाया गया, जो युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है.
गुजरात के सौराष्ट्र तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर सोमनाथ धाम में अमृत महोत्सव और स्वाभिमान पर्व का भव्य आयोजन किया जा रहा है. 11 मई 1951 को तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा उद्घाटित इस मंदिर की 75वीं वर्षगांठ के मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री शामिल होकर विशेष पूजा-अर्चना करेंगे. इस ऐतिहासिक अवसर पर मंदिर परिसर में पहली बार एयर शो और विशाल रोड शो आयोजित होगा. शास्त्रों के अनुसार, चंद्रदेव ने दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति हेतु यहाँ तपस्या की थी. इतिहास में महमूद गजनवी और औरंगजेब जैसे आक्रांताओं द्वारा कई बार नष्ट किए जाने के बावजूद, महारानी अहिल्याबाई होल्कर और सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रयासों से इसका जीर्णोद्धार हुआ. चार दिवसीय इस महोत्सव में यज्ञ, मंत्रोच्चार और निशुल्क भोजन की व्यवस्था की गई है. यह आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति के संकल्प और सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक गौरव को प्रदर्शित करता है, जो विध्वंस के बाद भी हर बार पुनर्निर्मित होकर आस्था का केंद्र बना रहा.
देशभर में आज ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल और एकदंत संकष्टी चतुर्थी का पर्व पूरी आस्था के साथ मनाया जा रहा है. इस वर्ष अधिक मास के कारण 19 साल बाद आठ बड़े मंगल का दुर्लभ महासंयोग बन रहा है. इस विशेष अवसर पर अयोध्या के हनुमानगढ़ी, प्रयागराज के लेटे हनुमान मंदिर और लखनऊ के हनुमान सेतु सहित दिल्ली के प्राचीन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. वहीं, मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में संकष्टी चतुर्थी पर विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सूर्य के उच्च राशि में गोचर से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है. श्रद्धालु ऋण और संकटों से मुक्ति के लिए हनुमान जी को बूंदी के लड्डू और भगवान गणेश को दूर्वा व मोदक अर्पित कर रहे हैं. शनि की साढ़ेसाती और ढैया के प्रभाव को कम करने के लिए सुंदरकांड, बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा है. मेष से मीन राशि तक के जातकों के लिए गुड़-चना दान और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ विशेष फलदायी माना गया है.
सनातन धर्म में ज्येष्ठ मास के मंगलवार का विशेष महत्व है, जिसे बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल कहा जाता है. इस वर्ष अधिक मास के कारण 19 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें भक्तों को चार के स्थान पर आठ बड़े मंगल प्राप्त होंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में इसी दिन हनुमान जी की भेंट भगवान श्री राम से हुई थी और द्वापर युग में उन्होंने भीम का अहंकार तोड़ा था. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस अवधि में सूर्य और बुध मेष राशि में बुधादित्य योग बना रहे हैं. हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए चमेली के तेल और सिंदूर का चोला चढ़ाना, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और बजरंग बाण का पाठ करना लाभकारी माना जाता है. माता सीता द्वारा प्रदत्त नौ निधियां मनुष्य के जीवन में सुख-समृद्धि लाती हैं. मंगल दोष निवारण हेतु लाल मसूर की दाल और लाल वस्त्रों का दान करने का विधान है. यह विशेष अवसर साहस, ऊर्जा और आध्यात्मिक सफलता प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ है.
दिल्ली के एम्स (AIIMS) की रिसर्च के अनुसार बच्चों में मोबाइल फोन की लत और ऑटिज्म (Autism) के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है. विशेषज्ञों ने 'मोबाइल हटाओ, बच्चों को बचाओ' कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि जन्म से 18 महीने तक के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम शून्य होना चाहिए, क्योंकि अत्यधिक मोबाइल इस्तेमाल से उनकी सुनने, समझने और बोलने की क्षमता प्रभावित होती है. ऑटिज्म एक न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर है, जिसके लिए जेनेटिक कारणों के साथ-साथ पर्यावरण प्रदूषण, माइक्रो-प्लास्टिक और मिलावटी खानपान को भी जिम्मेदार माना गया है. डॉक्टरों के अनुसार, यदि बच्चा 16 महीने तक कोई सार्थक शब्द नहीं बोलता या आई-कांटेक्ट नहीं करता, तो यह इस बीमारी के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं. समाज में व्याप्त भ्रांतियों और प्रशिक्षित थेरेपिस्ट की कमी के कारण इसके उपचार में बाधाएं आ रही हैं. विशेषज्ञों ने जिला अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और परिवार के सक्रिय सहयोग पर जोर दिया है ताकि बच्चों के मानसिक विकास को सुनिश्चित किया जा सके.
अयोध्या के राम मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के शिखर पर विशेष ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा संपन्न होने वाले इस अनुष्ठान के लिए सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 29 अप्रैल 2026 को शिव योग और प्रदोष व्रत के शुभ संयोग पर आयोजित यह कार्यक्रम भगवान राम और महादेव के समन्वय का प्रतीक है. मंदिर परिसर में गणेश, सूर्यदेव, माता अन्नपूर्णा और हनुमान जी के मंदिर भी स्थापित हैं. इसी अवसर पर अयोध्या में 10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रामायण वैक्स म्यूजियम की सौगात भी श्रद्धालुओं को मिलेगी, जिसमें सुनील कर्णूल द्वारा निर्मित 40 वैक्स मूर्तियां रामकथा के प्रसंगों को जीवंत करती हैं. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न होने वाला यह ध्वजारोहण सकारात्मकता और समर्पण का संदेश देता है. राम मंदिर का यह संपूर्ण परिसर राष्ट्र की एकता और शांति का प्रतीक बनकर उभरा है, जहां देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं.
उत्तर भारत समेत देशभर में अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखने को मिल रहा है. दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि बांदा और जैसलमेर में यह 46-47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञ इसे 'सुपर एल नीनो' और पर्यावरण में हो रहे बदलावों का नतीजा मान रहे हैं. इस अभूतपूर्व गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि डिहाइड्रेशन से युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है. इसके अलावा, स्किन टैनिंग और आंखों में सूखेपन की समस्याएं भी आम हो गई हैं. केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं, वहीं कई राज्यों ने स्कूलों के समय में बदलाव और हीट वेव एक्शन प्लान लागू किए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, भरपूर पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है.