गुड न्यूज टुडे के इस विशेष बुलेटिन में 'आंटी' शब्द और 'एज शेमिंग' से जुड़ी वैश्विक बहस का विश्लेषण किया गया है. ब्रिटेन में भारतीय मूल की एक नर्स को कार्यस्थल पर बार-बार 'आंटी' कहकर संबोधित करने पर कोर्ट ने अस्पताल ट्रस्ट पर करीब 1.8 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. ट्रिब्यूनल ने इसे पेशेवर माहौल में अपमानजनक और मानसिक उत्पीड़न माना. कार्यक्रम में समाजशास्त्री प्रणय अग्रवाल, मनोवैज्ञानिक मनीषा सिंघल, लेस्ली और निशा खन्ना ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की. विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे यह शब्द अक्सर महिलाओं को नीचा दिखाने या उन्हें उम्र का अहसास कराने के लिए 'बुलीइंग' के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. चर्चा में अभिनेत्री शमिता शेट्टी के साथ हुई एज शेमिंग और चीन की 'स्प्रिंग एयरलाइंस' के 'एयर आंटी' विज्ञापन विवाद का भी उल्लेख किया गया. पैनल ने कार्यस्थल पर 'मैम' या 'सर' जैसे पेशेवर संबोधनों की आवश्यकता पर जोर दिया. यह चर्चा स्पष्ट करती है कि संबोधन का चुनाव व्यक्तिगत अधिकार है और आपसी सम्मान सर्वोपरि है.
शादी के सीजन से पहले युवाओं में 'प्री-वेडिंग ट्रांसफॉर्मेशन' और 'इंस्टेंट वेट लॉस' का चलन तेजी से बढ़ा है. गुड न्यूज टुडे की इस विशेष चर्चा में विशेषज्ञों ने वजन घटाने के लिए अपनाए जा रहे शॉर्टकट तरीकों, जैसे वेट लॉस इंजेक्शन (Ozempic, GLP-1) और क्रैश डाइट पर गंभीर चिंता जताई है. डॉ. भट्टाचार्य और डॉ. रवि मल्होत्रा के अनुसार, बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं का उपयोग मसल मास कम कर सकता है और लिवर के लिए खतरनाक विसरल फैट जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वेट मैनेजमेंट बाजार 2034 तक 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. डाइटिशियन कनिका और फिटनेस एक्सपर्ट मीनल ने बताया कि 18 से 35 वर्ष के युवा बॉडी शेमिंग और सोशल मीडिया के दबाव में आकर खतरनाक मेडिकल शॉर्टकट्स चुन रहे हैं. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि शादी से 6-12 महीने पहले प्रोटीन युक्त भारतीय डाइट, योग और जीवनशैली में बदलाव अपनाना चाहिए. संतुलित आहार और प्राकृतिक तरीके ही स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं.
शादियों के सीजन से पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वैश्विक बाजार में जारी तनाव और अस्थिरता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव लगभग 3500 रुपये घटकर 1,51,500 रुपये पर आ गया है, जबकि एक किलो चांदी की कीमत में 9000 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई है, जिससे इसका भाव 2,37,000 रुपये हो गया है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत होता डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता है. विशेषज्ञों की राय में, यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों और शादी के लिए खरीदारी करने वालों के लिए एक अवसर हो सकती है. हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि युद्ध जैसी स्थिति में नकदी रखना एक बेहतर रणनीति हो सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और किसी भी निवेश का निर्णय लंबी अवधि के दृष्टिकोण से करें ताकि बाजार के जोखिमों से बचा जा सके.
गुड न्यूज टुडे की इस विशेष पेशकश में हनुमान जन्मोत्सव के धार्मिक महत्व और ज्योतिषीय योगों पर विस्तृत चर्चा की गई. इस वर्ष 30 साल बाद मीन राशि में मंगल, सूर्य और शनि की युति से 'त्रिग्रही योग' का निर्माण हुआ है. कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा, नंदिता पांडे, श्रुति खरबंदा और चंद्रांशु जी महाराज ने पूजा के अमृत मुहूर्त और ग्रहों के गोचर पर प्रकाश डाला. विशेषज्ञों के अनुसार, 11 तारीख को शनि उदय और 14 तारीख को सूर्य के उच्च होने से प्रशासनिक और वैश्विक स्तर पर बदलाव संभव हैं. अयोध्या की हनुमानगढ़ी और दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. चर्चा में मेष से मीन राशि तक के जातकों पर मंगल के राशि परिवर्तन, शनि की साढ़ेसाती और ढैया के प्रभावों का विश्लेषण किया गया. आध्यात्मिक गुरुओं ने स्पष्ट किया कि हनुमान जी की भक्ति और लोक कल्याण की नीयत से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है. यह वीडियो हनुमान जन्मोत्सव, ज्योतिष गणना और राशि फल की सटीक जानकारी प्रदान करता है.
गुड न्यूज टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर और इस साल बनने वाले दुर्लभ 'त्रिग्रही योग' पर विस्तृत चर्चा की गई है. ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, 30 साल बाद मीन राशि में सूर्य, शनि और मंगल की युति हो रही है, जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी. इस बुलेटिन में प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर, अकोला के जागृत मंदिर और गुजरात के रोटलिया हनुमान मंदिर की परंपराओं का विवरण दिया गया है. विशेषज्ञों ने पूजा के लिए अभिजीत और अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त की जानकारी साझा की है. चर्चा में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और चोला चढ़ाने के महत्व के साथ-साथ सिंदूर, चमेली तेल और लड्डू अर्पण करने की विधि बताई गई है. इसके अतिरिक्त, मंगल-शनि की युति के कारण शेयर बाजार में उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक संकट की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है. कार्यक्रम में दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय और बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष मंत्रों के जाप पर भी प्रकाश डाला गया है.
दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. विशेषज्ञों ने बताया कि 3 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, यह बेमौसम बारिश कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. इस विशेष चर्चा में डॉ. गुफरान बेग और डॉ. गुरुदत्त मिश्रा ने जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और ला नीना के प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम हफ्तों में तापमान में भारी वृद्धि होने की आशंका है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' और कम होती रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति आगाह करते हुए योग और सादा भोजन अपनाने की सलाह दी है. पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेषज्ञों ने ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद करने और जल संरक्षण जैसे उपायों को जीवनशैली में शामिल करने पर जोर दिया है.
गुड न्यूज टुडे के विशेष बुलेटिन में विशेषज्ञों ने सोने और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट के कारणों और भविष्य की निवेश संभावनाओं पर गहन चर्चा की. ईरान-इजरायल संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत होते डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रूस द्वारा कथित तौर पर 25 टन सोना बेचे जाने को बाजार में अस्थिरता का मुख्य कारण बताया गया है. विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें और कीमतों में आई इस गिरावट का लाभ उठाते हुए किश्तों में धीरे-धीरे खरीदारी करें. संकट की स्थिति में तरलता के लिए डिजिटल गोल्ड के बजाय फिजिकल गोल्ड (जेवर या सिक्के) में निवेश को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है. लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है, और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 15-20% हिस्सा ही इसमें आवंटित करने की सलाह दी गई है.
इस साल 2 अप्रैल को देशभर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर गुजरात के खेड़ा स्थित केसरा बालाजी हनुमान मंदिर में भव्य आयोजन हो रहा है। यहां अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर भव्य झांकी सजाई गई है, जिसमें सालासर, मेहंदीपुर, सारंगपुर और हनुमानगढ़ी समेत देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान धामों के एक साथ दर्शन हो रहे हैं। इस आयोजन की कमान 300 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में है। जन्मोत्सव पर बजरंगबली को 151 किलो की बूंदी और ड्राई फ्रूट का केक चढ़ाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर चमेली के तेल और सिंदूर से बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि हनुमान जी कलयग के जागृत देव और अष्ट सिद्धि व नव निधि के दाता हैं। शारीरिक कष्टों और बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए गोस्वामी तुलसीदास रचित 'हनुमान बाहुक' का पाठ अचूक माना जाता है। सच्चे मन से की गई पवनपुत्र की आराधना से शनि और मंगल दोषों से भी मुक्ति मिलती है।
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला का दिव्य 'सूर्य तिलक' संपन्न हुआ. दोपहर 12 बजे के करीब, सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक पड़ीं, जिसका करोड़ों श्रद्धालुओं ने सीधा प्रसारण देखा. इस आयोजन से पूर्व, रामलला का विशेष अभिषेक किया गया और उन्हें पीले वस्त्र पहनाकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया. यह उत्सव केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं रहा; देशभर में रामनवमी धूमधाम से मनाई गई, जिसमें पटना के महावीर मंदिर में लाखों भक्त उमड़े और श्रीनगर में 36 साल बाद रघुनाथ मंदिर के कपाट खुले. यह दिन चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन भी था, जिस दिन सिद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अमृत सिद्धि, सर्वार्थसिद्धि और रवियोग के संयोग के कारण विशेष महत्वपूर्ण रहा.
अयोध्या में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी का पर्व भव्यता के साथ मनाया जा रहा है, जिसके लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. इस वर्ष का मुख्य आकर्षण रामलला का 'सूर्य तिलक' है, जो दोपहर ठीक 12 बजे होगा. इस चार मिनट की अवधि में सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक को सुशोभित करेंगी, जिसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा. बेंगलुरु के वैज्ञानिकों की टीम ने इस विशेष आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस रामनवमी पर गजकेसरी, रवि, अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि जैसे कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जो पूजन के लिए अत्यंत फलदायी हैं. पूरी अयोध्या नगरी को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती शामिल है.