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ये हुई ना बात

इकहत्तर दिन की ग्रह युति, कुंभ-मकर-सिंह राशि अलर्ट, मिथुन-तुला-वृषभ के लिए गुड न्यूज

27 फरवरी 2026

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आगामी 71 दिनों में कई ग्रहों का गोचर और राजयोग बनने जा रहे हैं. 3 मार्च को चंद्र ग्रहण और होलिका दहन का विशेष संयोग बन रहा है. 2 मार्च को शुक्र के मीन राशि में प्रवेश से मालव्य राजयोग का निर्माण होगा, जबकि 15 मार्च को सूर्य के मीन राशि में आने से त्रिग्रही योग बनेगा. 7 मार्च से 13 अप्रैल तक शनि मीन राशि में अस्त रहेंगे, जिससे साढ़ेसाती और ढैया वाले जातकों को राहत मिल सकती है. हालांकि, 2 अप्रैल तक मंगल और राहु की युति से अंगारक योग बना रहेगा, जो कुंभ, मकर और सिंह राशि के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, बृहस्पति के अतिचारी होने से आर्थिक उथल-पुथल और सोने की कीमतों में बदलाव संभव है. वैश्विक स्तर पर जलवायु परिवर्तन और शेयर बाजार में अस्थिरता देखी जा सकती है. मिथुन, तुला और वृषभ राशि के लिए यह समय भाग्यवर्धक रहेगा. बुध 20 मार्च को मार्गी होंगे, जिससे व्यापारिक स्थितियों में बदलाव आएगा.

होली पर 100 साल बाद चंद्रग्रहण का साया, जानें होलिका दहन का शुभ मुहूर्त और सूतक काल

26 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के कार्यक्रम में ज्योतिषियों ने साल 2026 में होली और चंद्रग्रहण के संयोग पर चर्चा की. 3 मार्च 2026 को साल का पहला पूर्ण चंद्रग्रहण लगेगा, जो भारत में दृश्यमान होगा. काशी के विद्वान आचार्य देवकी कृष्ण शास्त्री और राज मिश्रा के अनुसार, होलिका दहन 2 मार्च 2026 को भद्रा काल की समाप्ति के बाद रात्रि 12:50 बजे के उपरांत करना शास्त्र सम्मत है. 3 मार्च को चंद्रग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर ग्रहण मोक्ष तक प्रभावी रहेगा. ग्रहण की कुल अवधि लगभग 48 मिनट निर्धारित की गई है. पंचांग और निर्णय सिंधु की गणना के आधार पर, 3 मार्च को ग्रहण और सूतक के कारण रंगों वाली होली का आयोजन वर्जित बताया गया है. विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि 4 मार्च को सूर्योदय के समय प्रतिपदा तिथि होने पर ही रंगों का उत्सव मनाना उचित होगा. इस चर्चा में भद्रा, प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा और उदया तिथि के गणितीय महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई है.

होलाष्टक 2026: 100 साल बाद ग्रहण का साया, जानें शुभ कार्यों की मनाही और कष्ट निवारण के अचूक उपाय

25 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में प्रमुख ज्योतिषियों ने होलाष्टक के महत्व पर चर्चा की. विशेषज्ञों ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल अष्टमी से पूर्णिमा तक चलने वाले इन आठ दिनों में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, क्योंकि यह अवधि भक्त प्रहलाद को दी गई यातनाओं का प्रतीक है. इस वर्ष होलाष्टक ज्योतिषीय दृष्टि से और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगभग 100 वर्षों बाद इस पर ग्रहण का साया है और पंचग्रही योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, यह समय जप, तप और दान-पुण्य के लिए सर्वोत्तम है. नकारात्मक ऊर्जा से बचाव और ग्रहों की शांति के लिए विष्णु सहस्रनाम, हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने की सलाह दी गई है. इसके अतिरिक्त, होलिका दहन के समय काले तिल का प्रयोग और कुंडली के ग्रहों के अनुसार विशेष उपाय करना भी लाभकारी बताया गया है.

दर्शन के लिए ₹250 शुल्क पर संतों ने जताई आपत्ति, बताया आस्था के साथ खिलवाड़

24 फरवरी 2026

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रशासन द्वारा संध्या और शयन आरती के लिए 250 रुपये का शुल्क निर्धारित करने पर विवाद उत्पन्न हो गया है. जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांत नंद सरस्वती ने इस निर्णय की आलोचना करते हुए इसे व्यवस्था के नाम पर अनुचित बताया है. साध्वी विश्वरूपा और स्वास्तिक पीठधीश स्वामी अवधेश पुरी महाराज के अनुसार, मंदिरों का व्यापारिक केंद्र बनना और आर्थिक आधार पर वर्गीकरण सनातन धर्म की समानता के सिद्धांतों के विरुद्ध है. मंदिर प्रबंधन का तर्क है कि डिजिटल बुकिंग और सशुल्क व्यवस्था से 1200 श्रद्धालुओं की क्षमता के अनुसार भीड़ प्रबंधन में पारदर्शिता और सुगमता आएगी. हालांकि, विशेषज्ञों और साधु-संतों ने सुझाव दिया है कि शुल्क लगाने के बजाय केवल ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और टोकन सिस्टम जैसी प्रक्रियाएं अपनाई जानी चाहिए. इस चर्चा में मंदिर के सरकारीकरण और आम भक्तों पर आर्थिक बोझ डालने जैसे विषयों पर भी प्रश्न उठाए गए हैं. महाकाल मंदिर प्रशासन के इस नए नियम पर श्रद्धालुओं और धार्मिक गुरुओं की प्रतिक्रियाएं निरंतर जारी हैं.

फरवरी में ही गर्मी का टॉर्चर, Dr. Gufran Beig और विशेषज्ञों ने दी मानसून पर बड़ी चेतावनी

23 फरवरी 2026

गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'फरवरी में ही क्यों गर्मी का मार्च' में जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी पर विस्तृत चर्चा की गई. वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहसिन वली ने बताया कि दिन में गर्मी और रात की ठंड के कारण निमोनिया और बुखार के मामले बढ़ रहे हैं, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए जोखिमपूर्ण है. मौसम विज्ञानी डॉ. गुफरान बेग ने चेतावनी दी कि भारत अब एल नीनो (El Niño) के प्रभाव में है, जिससे इस साल भीषण गर्मी और मानसून में बाधा आने की 96% संभावना है. विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है और मई में पारा सामान्य से 2 डिग्री अधिक रहने का अनुमान है. पर्यावरणविद् सुभाष शर्मा ने वनों की कटाई और बढ़ते कार्बन उत्सर्जन को इस स्थिति का मुख्य कारण बताया. चर्चा में प्रशांत महासागर में बढ़ते तापमान, चक्रवातों की तीव्रता और बढ़ती आबादी के प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया. समाधान के रूप में इलेक्ट्रिक वाहनों और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है.

बांके बिहारी मंदिर: क्या भक्तों की सुविधा के लिए बदली जा सकती है परंपरा? संतों में छिड़ी बहस

20 फरवरी 2026

वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन सुगम बनाने हेतु, एक हाई पावर कमेटी ने ठाकुर जी की मूर्ति को गर्भगृह से निकालकर जगमोहन में स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस प्रस्ताव का सेवायत गोस्वामियों का एक बड़ा वर्ग कड़ा विरोध कर रहा है. उनका तर्क है कि यह 300 साल पुरानी परंपरा का उल्लंघन है, जिसके अनुसार ठाकुर जी केवल विशेष त्योहारों पर ही गर्भगृह से बाहर आते हैं. इस मुद्दे पर संत और आध्यात्मिक गुरु भी विभाजित हैं; कुछ इसे शास्त्र विरुद्ध मानते हैं, जबकि अन्य इसे भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक बता रहे हैं. इस बहस के बीच, मंदिर में वीआईपी दर्शन समाप्त करने और एक कॉरिडोर बनाने जैसे अन्य सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें.

सोना ₹2 लाख और चांदी ₹3 लाख के पार? एक्सपर्ट्स ने बताया निवेश का सही समय और पोर्टफोलियो मंत्र

19 फरवरी 2026

सोने और चांदी की कीमतों में जारी भारी उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण सलाह सामने आई है. बाजार विशेषज्ञों ने गुड न्यूज टुडे के एक कार्यक्रम में इस अस्थिरता पर विस्तृत चर्चा की. आर्थिक विशेषज्ञ आकाश जिंदल ने रिटेल निवेशकों को चांदी की अत्यधिक अस्थिरता से दूर रहने की सलाह दी है, लेकिन सोने को पोर्टफोलियो का एक अहम हिस्सा बनाने का सुझाव दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका-ईरान जैसे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ते हैं, तो सोना 2 लाख और चांदी 3 लाख रुपये के स्तर को भी पार कर सकती है. विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 10-20% हिस्सा सोने में रखना चाहिए, क्योंकि यह एक 'सेफ हेवन' संपत्ति है. वहीं, शादी-विवाह के लिए खरीदारी करने वालों को इंतजार न करने की सलाह दी गई है. चर्चा में यह भी बताया गया कि अब निवेशक गहनों के बजाय सोने-चांदी के सिक्कों और बिस्कुट को प्राथमिकता दे रहे हैं.

सूर्य ग्रहण 2026: ट्रंप की कुंडली और वैश्विक राजनीति पर क्या होगा असर? ज्योतिषियों ने दी चेतावनी

17 फरवरी 2026

साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण फाल्गुनी अमावस्या के दिन कुंभ राशि में लग रहा है. पूर्व इसरो वैज्ञानिक मनीष पुरोहित के अनुसार यह एक दुर्लभ खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह नहीं ढक पाने के कारण 'रिंग ऑफ फायर' का निर्माण होगा. 64 साल बाद बन रहे इस दुर्लभ योग में कुंभ राशि में सूर्य, शुक्र, राहु, चंद्रमा और बुध एक साथ गोचर कर रहे हैं. हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिससे यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा. ज्योतिषियों के अनुसार इस ग्रहण का प्रभाव वैश्विक राजनीति, शेयर बाजार और सोने की कीमतों पर पड़ेगा. विशेषज्ञों ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कुंडली और अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है. वैज्ञानिक दृष्टि से 'सोलर मैक्सिमा' वर्ष होने के कारण सैटेलाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर असर पड़ सकता है. मेष, वृष, कन्या और धनु राशि के लिए यह समय शुभ बताया गया है, जबकि कुंभ और सिंह राशि वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.

64 साल बाद सूर्य ग्रहण पर दुर्लभ संयोग और महाउपाय, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

16 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में 17 फरवरी 2026 को लगने वाले साल के पहले सूर्य ग्रहण के वैज्ञानिक और ज्योतिषीय पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई है. ज्योतिष आचार्य पंडित डीपी शास्त्री, सुमित बजाज और वान्या आर्या ने बताया कि यह ग्रहण अंटार्कटिका, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा, लेकिन भारत में दृश्य न होने के कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला यह ग्रहण कुंभ और सिंह राशि पर सर्वाधिक प्रभाव डालेगा. सुमित बजाज ने अगस्त-सितंबर के दौरान यूरोप में गृहयुद्ध और भारत में जेल ब्रेक जैसी घटनाओं की भविष्यवाणी की है. वहीं, वान्या आर्या ने मेष, वृषभ और मिथुन राशि के लिए करियर और स्वास्थ्य संबंधी उपाय साझा किए हैं. कार्यक्रम में अरविंद शुक्ला और सुमिता आचार्य ने भी ग्रहण के दौरान मंत्र जाप, दान और आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ के महत्व पर प्रकाश डाला. 12 राशियों के लिए सावधानी बरतने और नकारात्मक प्रभावों से बचने हेतु गुरु मंत्र और गायत्री मंत्र के जाप की सलाह दी गई है.

100 साल बाद बना महासंयोग, शिवरात्रि के तुरंत बाद लगेगा सूर्य ग्रहण? जानिए

13 फरवरी 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्यों ने महाशिवरात्रि 2026 और आगामी सूर्य ग्रहण के ज्योतिषीय महत्व पर विस्तृत चर्चा की. इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी, जिसमें चतुर्ग्रही, सर्वार्थ सिद्धि और बुधादित्य सहित आठ दुर्लभ योग बन रहे हैं. इसके ठीक बाद 17 फरवरी को कणाकृति सूर्य ग्रहण लगेगा, जो भारत में दिखाई नहीं देने के कारण यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा. विशेषज्ञों ने चार प्रहर की पूजा का महत्व बताते हुए प्रथम प्रहर का समय शाम 6:11 बजे से बताया है. कार्यक्रम में मेष से मीन तक सभी राशियों पर ग्रहण के प्रभाव और उपायों की जानकारी दी गई. स्वास्थ्य लाभ के लिए शिवलिंग पर शहद और आर्थिक उन्नति के लिए 108 अक्षत अर्पित करने की सलाह दी गई है. ज्योतिषाचार्यों ने स्पष्ट किया कि ग्रहण के दौरान 'ओम घृणि सूर्याय नमः' का जाप और शिवरात्रि पर दूध का दान नकारात्मक प्रभावों को दूर करने में सहायक होगा. भक्तों को इस पर्व पर विशेष अभिषेक और दान-पुण्य करने का सुझाव दिया गया है.