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ये हुई ना बात

शादी के सीजन से पहले सोना-चांदी के दामों में भारी गिरावट, ईरान-अमेरिका युद्ध का दिखा असर

03 अप्रैल 2026

शादियों के सीजन से पहले सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वैश्विक बाजार में जारी तनाव और अस्थिरता के बीच सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. घरेलू बाजार में 10 ग्राम सोने का भाव लगभग 3500 रुपये घटकर 1,51,500 रुपये पर आ गया है, जबकि एक किलो चांदी की कीमत में 9000 रुपये की बड़ी गिरावट देखी गई है, जिससे इसका भाव 2,37,000 रुपये हो गया है. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इस उतार-चढ़ाव का मुख्य कारण मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत होता डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता है. विशेषज्ञों की राय में, यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों और शादी के लिए खरीदारी करने वालों के लिए एक अवसर हो सकती है. हालांकि, कुछ विश्लेषकों का यह भी मानना है कि युद्ध जैसी स्थिति में नकदी रखना एक बेहतर रणनीति हो सकती है. निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखें और किसी भी निवेश का निर्णय लंबी अवधि के दृष्टिकोण से करें ताकि बाजार के जोखिमों से बचा जा सके.

हनुमान जन्मोत्सव पर 30 साल बाद बना त्रिग्रही योग, देशभर के मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

02 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे की इस विशेष पेशकश में हनुमान जन्मोत्सव के धार्मिक महत्व और ज्योतिषीय योगों पर विस्तृत चर्चा की गई. इस वर्ष 30 साल बाद मीन राशि में मंगल, सूर्य और शनि की युति से 'त्रिग्रही योग' का निर्माण हुआ है. कार्यक्रम में ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा, नंदिता पांडे, श्रुति खरबंदा और चंद्रांशु जी महाराज ने पूजा के अमृत मुहूर्त और ग्रहों के गोचर पर प्रकाश डाला. विशेषज्ञों के अनुसार, 11 तारीख को शनि उदय और 14 तारीख को सूर्य के उच्च होने से प्रशासनिक और वैश्विक स्तर पर बदलाव संभव हैं. अयोध्या की हनुमानगढ़ी और दिल्ली के प्राचीन हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई. चर्चा में मेष से मीन राशि तक के जातकों पर मंगल के राशि परिवर्तन, शनि की साढ़ेसाती और ढैया के प्रभावों का विश्लेषण किया गया. आध्यात्मिक गुरुओं ने स्पष्ट किया कि हनुमान जी की भक्ति और लोक कल्याण की नीयत से ग्रहों के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है. यह वीडियो हनुमान जन्मोत्सव, ज्योतिष गणना और राशि फल की सटीक जानकारी प्रदान करता है.

हनुमान जन्मोत्सव पर इस बार बन रहा महासंयोग, जानिए कैसे करें बजरंगबली की उपासना?

01 अप्रैल 2026

गुड न्यूज टुडे के इस विशेष कार्यक्रम में हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर और इस साल बनने वाले दुर्लभ 'त्रिग्रही योग' पर विस्तृत चर्चा की गई है. ज्योतिष आचार्यों के अनुसार, 30 साल बाद मीन राशि में सूर्य, शनि और मंगल की युति हो रही है, जो सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी. इस बुलेटिन में प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान मंदिर, अकोला के जागृत मंदिर और गुजरात के रोटलिया हनुमान मंदिर की परंपराओं का विवरण दिया गया है. विशेषज्ञों ने पूजा के लिए अभिजीत और अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त की जानकारी साझा की है. चर्चा में हनुमान चालीसा, सुंदरकांड पाठ और चोला चढ़ाने के महत्व के साथ-साथ सिंदूर, चमेली तेल और लड्डू अर्पण करने की विधि बताई गई है. इसके अतिरिक्त, मंगल-शनि की युति के कारण शेयर बाजार में उथल-पुथल और वैश्विक आर्थिक संकट की संभावनाओं का विश्लेषण किया गया है. कार्यक्रम में दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय और बेहतर स्वास्थ्य के लिए विशेष मंत्रों के जाप पर भी प्रकाश डाला गया है.

भीषण गर्मी या मार्च की तरहा ठंडा, अप्रैल में कैसा रहेगा मौसम?

31 मार्च 2026

दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदल गया है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के साथ मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. विशेषज्ञों ने बताया कि 3 अप्रैल से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे अप्रैल के पहले सप्ताह में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, यह बेमौसम बारिश कृषि क्षेत्र के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. इस विशेष चर्चा में डॉ. गुफरान बेग और डॉ. गुरुदत्त मिश्रा ने जलवायु परिवर्तन, अल नीनो और ला नीना के प्रभावों पर विस्तृत जानकारी दी है. विशेषज्ञों के अनुसार, अप्रैल के अंतिम हफ्तों में तापमान में भारी वृद्धि होने की आशंका है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बदलते मौसम में 'सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर' और कम होती रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति आगाह करते हुए योग और सादा भोजन अपनाने की सलाह दी है. पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेषज्ञों ने ट्रैफिक सिग्नल पर इंजन बंद करने और जल संरक्षण जैसे उपायों को जीवनशैली में शामिल करने पर जोर दिया है.

युद्ध के बीच सोने-चांदी में भारी उतार-चढ़ाव, गोल्ड में निवेश करें या इंतजार करें? एक्सपर्ट्स से समझिए

30 मार्च 2026

गुड न्यूज टुडे के विशेष बुलेटिन में विशेषज्ञों ने सोने और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट के कारणों और भविष्य की निवेश संभावनाओं पर गहन चर्चा की. ईरान-इजरायल संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, मजबूत होते डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और रूस द्वारा कथित तौर पर 25 टन सोना बेचे जाने को बाजार में अस्थिरता का मुख्य कारण बताया गया है. विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें और कीमतों में आई इस गिरावट का लाभ उठाते हुए किश्तों में धीरे-धीरे खरीदारी करें. संकट की स्थिति में तरलता के लिए डिजिटल गोल्ड के बजाय फिजिकल गोल्ड (जेवर या सिक्के) में निवेश को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया गया है. लंबी अवधि के लिए सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प माना जा रहा है, और निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 15-20% हिस्सा ही इसमें आवंटित करने की सलाह दी गई है.

बजरंगबली की कृपा से दूर होंगे सभी संकट, जानें पूजा विधि और हनुमान बाहुक के अचूक उपाय

29 मार्च 2026

इस साल 2 अप्रैल को देशभर में हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर गुजरात के खेड़ा स्थित केसरा बालाजी हनुमान मंदिर में भव्य आयोजन हो रहा है। यहां अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर भव्य झांकी सजाई गई है, जिसमें सालासर, मेहंदीपुर, सारंगपुर और हनुमानगढ़ी समेत देश के 11 प्रसिद्ध हनुमान धामों के एक साथ दर्शन हो रहे हैं। इस आयोजन की कमान 300 से अधिक महिला कार्यकर्ताओं के हाथों में है। जन्मोत्सव पर बजरंगबली को 151 किलो की बूंदी और ड्राई फ्रूट का केक चढ़ाया जाएगा। हनुमान जन्मोत्सव पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर चमेली के तेल और सिंदूर से बजरंगबली की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि हनुमान जी कलयग के जागृत देव और अष्ट सिद्धि व नव निधि के दाता हैं। शारीरिक कष्टों और बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए गोस्वामी तुलसीदास रचित 'हनुमान बाहुक' का पाठ अचूक माना जाता है। सच्चे मन से की गई पवनपुत्र की आराधना से शनि और मंगल दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

रामनवमी 2026: मां सिद्धिदात्री की पूजा विधि और अयोध्या में रामलला का सूर्य तिलक और 56 भोग

27 मार्च 2026

अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर रामलला का दिव्य 'सूर्य तिलक' संपन्न हुआ. दोपहर 12 बजे के करीब, सूर्य की किरणें रामलला के मस्तक पर लगभग चार मिनट तक पड़ीं, जिसका करोड़ों श्रद्धालुओं ने सीधा प्रसारण देखा. इस आयोजन से पूर्व, रामलला का विशेष अभिषेक किया गया और उन्हें पीले वस्त्र पहनाकर 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया. यह उत्सव केवल अयोध्या तक ही सीमित नहीं रहा; देशभर में रामनवमी धूमधाम से मनाई गई, जिसमें पटना के महावीर मंदिर में लाखों भक्त उमड़े और श्रीनगर में 36 साल बाद रघुनाथ मंदिर के कपाट खुले. यह दिन चैत्र नवरात्र का अंतिम दिन भी था, जिस दिन सिद्धि और मोक्ष प्रदान करने वाली माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है. ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह दिन अमृत सिद्धि, सर्वार्थसिद्धि और रवियोग के संयोग के कारण विशेष महत्वपूर्ण रहा.

राम नवमी 2026: अयोध्या में सूर्य तिलक की तैयारी, पुनर्वसु नक्षत्र में शुभ संयोग

26 मार्च 2026

अयोध्या में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर रामनवमी का पर्व भव्यता के साथ मनाया जा रहा है, जिसके लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. इस वर्ष का मुख्य आकर्षण रामलला का 'सूर्य तिलक' है, जो दोपहर ठीक 12 बजे होगा. इस चार मिनट की अवधि में सूर्य की किरणें सीधे भगवान राम के मस्तक को सुशोभित करेंगी, जिसका सीधा प्रसारण भी किया जाएगा. बेंगलुरु के वैज्ञानिकों की टीम ने इस विशेष आयोजन की तैयारी पूरी कर ली है. ज्योतिषियों के अनुसार, इस रामनवमी पर गजकेसरी, रवि, अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि जैसे कई दुर्लभ शुभ संयोग बन रहे हैं, जो पूजन के लिए अत्यंत फलदायी हैं. पूरी अयोध्या नगरी को विशेष रूप से सजाया गया है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की तैनाती शामिल है.

रामनवमी 26 या 27 मार्च: गृहस्थों के लिए 26 को व्रत, अयोध्या में 27 को भव्य उत्सव

24 मार्च 2026

चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा अष्टमी और राम नवमी की तिथि को लेकर बने असमंजस पर ज्योतिषियों ने स्पष्टीकरण दिया है. पंचांग के अनुसार, अष्टमी तिथि 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे समाप्त होगी, जिसके तुरंत बाद नवमी तिथि लग जाएगी जो 27 मार्च सुबह 10:06 तक रहेगी. ज्योतिषियों का मत है कि गृहस्थों के लिए 26 मार्च को राम नवमी मनाना उत्तम है, क्योंकि इस दिन भगवान राम के जन्म का कर्क लग्न और गज केसरी जैसे शुभ योग बन रहे हैं. वहीं, वैष्णव समाज, साधु-संत और अयोध्या के मठ-मंदिर उदया तिथि के अनुसार 27 मार्च को राम जन्मोत्सव मनाएंगे. अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि परिसर में 27 मार्च को दोपहर 12 बजे मुख्य उत्सव होगा, जिसमें वैज्ञानिक तकनीक द्वारा रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा. इस अवसर पर कन्या पूजन का भी विशेष महत्व है और अयोध्या में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं.

मार्च में बेमौसम बारिश, किसानों की फसलों में भारी नुकसान, स्वास्थ्य पर भी असर

23 मार्च 2026

मार्च के महीने में मौसम का मिजाज अप्रत्याशित बना हुआ है, जिसमें कभी तेज गर्मी तो कभी बादल और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है और आने वाले दिनों में भी इसके जारी रहने की संभावना है. इस बेमौसम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि ने देशभर में, खासकर राजस्थान जैसे राज्यों में, जीरा और रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है. जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञ बता रहे हैं कि पृथ्वी के औसत तापमान में वृद्धि, वनों की कटाई और बढ़ते शहरीकरण से वायुमंडलीय संतुलन बिगड़ रहा है. इस बदलते मौसम का असर सीधे तौर पर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. चिकित्सकों ने बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण और हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी है.