14 जनवरी या 15 जनवरी... कब मनाएं मकर संक्रांति ? ...ये सवाल हरकोई पूछ रहा है...क्या है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त ?...आप मकर संक्रांति पर कैसे करें पूजा..राशिवार आप क्या करें महाउपाय ? मकर संक्रांति पर क्या करें दान ? आप कब खाएं लोहड़ी की खिचड़ी ? एकादशी को लेकर क्या है कन्फ्यूजन ? संगम पर मकर संक्रांति का स्नान कब है ? ये तमाम सवाल हैं...जिन्हें हम देश के बड़े ज्योतिषाचार्यों से जानने की कोशिश करेंगे...14 जनवरी या 15 जनवरी... कब मनाएं मकर संक्रांति ?
1000 साल...सोमनाथ से क्या संदेश ?...इसी पर हो रही है आज बात...भगवान शिव के हर धाम पर आमतौर पर महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं का रेला उमड़ता है. बड़ा मेला लगता है. हर सोमवार को भी तमाम भक्त महादेव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं लेकिन, गुजरात में भोले बाबा के पहले ज्योतिर्लिंग पर महाशिवरात्रि से पहले ही दिव्य उत्सव हो रहा है. दरअसल सोमनाथ धाम में आज से स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है. इस सिलसिले में यहां पर कई भव्य आयोजन हो रहे हैं. ऐसे में देशभर के शिवभक्तों का यहां जमावड़ा लगा है. ऊं का जाप हो रहा है, मंत्रों का पाठ हो रहा है तो हम आपको सोमनाथ धाम में चल रहे स्वाभिमान पर्व की हर तस्वीर दिखाएंगे और इससे जुड़ी हर जानकारी देंगे. क्यों शिव का सबसे चमत्कारी धाम है सोमनाथ ? कैसे मिला ज्योतिर्लिंगों में पहला स्थान ? क्या है 'चंद्रदेव' का सोमनाथ कनेक्शन ? 1000 साल...सोमनाथ से क्या संदेश ?
जब आप आइने के सामने खड़े होते हैं तो आपके ज़ेहन में आपके लुक्स को लेकर क्या ख्याल आते हैं ?आप कैसा महूसस करते हैं ? ये सवाल इसलिए क्योंकि आपके इन ख्यालातों का, खुद की बॉडी से जुड़े आपके विचारों का आपकी मानसिक सेहत से सीधा संबंध है. AIIMS-ICMR की हालिया स्टडी की रिपोर्ट पर गौर करें तो कुछ युवाओं में तेजी से बॉडी इमेज एंग्जायटी बढ़ रही है मतलब कोई मोटापे को लेकर चिंता में है तो कोई दुबलेपन की वजह से अवसाद में है. आज इसी मुद्दे पर बात करेंगे. आखिर आकार के आकर्षण में क्यों उलझ रहे हैं युवा. अच्छा दिखने का दबाव दिमाग पर हावी क्यों हो रहा है. देश के जाने-माने हेल्थ एक्सपर्ट्स से जानेंगे आखिर बॉडी शेमिंग का सॉल्यूशन क्या है
माघ मेला 2026 के आध्यात्मिक महत्व पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, क्योंकि इस वर्ष के राजा सूर्य हैं, जिससे सूर्य उपासना का फल कई गुना बढ़ जाता है. प्रयागराज संगम पर कल्पवास की परंपरा के साथ, 14 जनवरी को मकर संक्रांति और 18 जनवरी को मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्वों पर आस्था की डुबकी लगाना विशेष फलदायी होगा. ज्योतिषियों ने मान-सम्मान और सफलता के लिए आदित्य हृदय स्तोत्र के पाठ और सूर्य को अर्घ्य देने की विधि बताई है.
प्रयागराज में जारी माघ मेले में संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है, जहाँ पहले तीन दिनों में रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु पहुँचे और पहले ही दिन 31 लाख लोगों ने पवित्र डुबकी लगाई. इस वर्ष मेले का एक विशेष आकर्षण 550 वर्षों के बाद पंचकोसी परिक्रमा की परंपरा का पुनः आरंभ होना है. जूना अखाड़े के महंत नवल किशोर दास के अनुसार, संगम की रेती पर कल्पवास करने से साधक को आत्मशुद्धि और मोक्ष मिलता है. ज्योतिषाचार्य राज मिश्रा ने बताया कि इस दौरान सर्वार्थ सिद्धि योग बनने से स्नान का महत्व और बढ़ गया है. आध्यात्मिक गुरु संजीव कृष्ण ठाकुर ने गंगा में स्नान के नियमों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदी में वस्त्र धोना या कुल्ला करना वर्जित है. मेले में केदारनाथ से आए एक नागा साधु अपनी अनूठी वेशभूषा के कारण श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.
प्रयागराज के संगम तट पर आस्था का 44 दिवसीय महापर्व, माघ मेला, पौष पूर्णिमा पर पहले स्नान के साथ शुरू हो रहा है. इस वर्ष यह मेला इसलिए विशेष है क्योंकि 75 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक अत्यंत मंगलकारी 'महासंयोग' बन रहा है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को शुक्र और 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा, जबकि 18 जनवरी को मौनी अमावस्या पर चंद्रमा का भी आगमन होगा. शनि और बृहस्पति की विशेष ग्रह दशाएं इस मेले को और भी विशिष्ट बना रही हैं.
गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम में देश के जाने-माने ज्योतिष विशेषज्ञों ने साल 2026 के भविष्यफल पर विस्तृत चर्चा की. एंकर नवजोत रंधावा के साथ आचार्य राज मिश्र, न्यूमेरोलॉजिस्ट वान्या आर्या, श्रुति खरबंदा, राज कुमार शर्मा और अंकशास्त्री श्रुति द्विवेदी ने 12 राशियों के लिए करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक भविष्यवाणियां साझा कीं. विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2026 का कुल योग 1 है, जो इसे सूर्य का साल बनाता है और इसकी शुरुआत राजयोग से हो रही है, जिसमें बृहस्पति राजा और मंगल मंत्री हैं. यह साल कर्क और तुला राशि के लिए विशेष भाग्यशाली रहेगा. कर्क राशि में 12 साल बाद बृहस्पति का गोचर होगा, वहीं तुला राशि वालों को सितंबर में विशेष धन लाभ के योग हैं. कार्यक्रम में पर्सनल ईयर और मूलांक के आधार पर भी भविष्य बताया गया, जिसमें पर्सनल ईयर 5 वालों के लिए यात्रा और 6 वालों के लिए विवाह के प्रबल योग हैं. यह बुलेटिन 2026 का संपूर्ण ज्योतिषीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है.
ज्योतिषीय गणना के अनुसार साल 2026 को 'सूर्य का साल' माना जा रहा है, जिसमें पांच दुर्लभ महायोगों का निर्माण होगा. गुड न्यूज टुडे पर विशेषज्ञों ने बताया कि यह वर्ष कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा, जिसकी शुरुआत धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के शुभ संयोग से होगी. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, अप्रैल में शनि और मंगल का संयोग विदेश यात्रा व नई नौकरी के लिए, जबकि मई में सूर्य और मंगल का योग राजनीति में सफलता के लिए श्रेष्ठ है.
नए साल 2026 को लेकर लोग, तमाम उम्मीदें लगाए बैठे हैं...ज्योतिष जगत की भी इस पर निगाहें हैं...ये सूर्य का साल है और सूर्य का सीधा संबंध सत्ता से होता है...तो आज इसी खास पेशकश में बात सियासी सितारों की करेंगे...क्या कहते हैं राजनेताओं के सितारे ? नए साल में कौन जीतेगा चुनावी बाजी ?... दुनिया पर किसका चलेगा 'ट्रंप'कार्ड ? 2026 में किसका 'राज'योग ?... राजनीति के नजरिए से नया साल कैसा होगा... देश-दुनिया पर क्या प्रभाव होगा... इन तमाम पहलुओं पर चर्चा के लिए हमारे साथ देश के जाने-माने एस्ट्रो-एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहेंगे...
गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'प्यार, परिवार और सितारे' में देश के जाने-माने ज्योतिषियों ने साल 2026 के लिए विस्तृत भविष्यफल प्रस्तुत किया. यह साल सूर्य और बृहस्पति से प्रभावित रहेगा, जिसे विशेषज्ञों ने व्यवस्था, स्थायित्व और नई शुरुआत का वर्ष बताया है. ज्योतिषाचार्य प्रतीक भट्ट, डॉ. राखी, संजय शर्मा और पंडित अरविंद शुक्ला ने कार्यक्रम में प्रेम, विवाह, करियर और स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला. पंडित शुक्ला के अनुसार, बृहस्पति की कर्क राशि में उपस्थिति वैवाहिक सुख लाएगी.
गुड न्यूज़ टुडे के विशेष कार्यक्रम 'सेहत के सितारे' में साल 2026 के स्वास्थ्य भविष्यफल पर विस्तृत चर्चा की गई. एंकर नवजोत रंधावा के साथ ज्योतिष और अंक शास्त्र के विशेषज्ञों ने आने वाले वर्ष के लिए महत्वपूर्ण भविष्यवाणियां कीं. ज्योतिषाचार्य आचार्य राज मिश्रा और नंदिता पांडे ने बताया कि 2026 सूर्य (अंक 1) का वर्ष है और बृहस्पति की स्थिति स्वास्थ्य पर विशेष प्रभाव डालेगी, इसलिए हड्डियों और आंखों की सेहत पर ध्यान देना आवश्यक है.