अमेरिकी कंपनी एंथ्रोपिक की अगस्त 2026 रिस्क रिपोर्ट और तकनीकी विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अनियंत्रित वृद्धि और ऑटोमेटेड रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर गंभीर वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां रेखांकित की हैं. एआई मॉडल द्वारा स्वयं शोध कर क्षमताएं बढ़ाने से इंसानी नियंत्रण समाप्त होने, साइबर हमलों, डेटा प्राइवेसी, बैंकिंग सुरक्षा, नौकरियों और चुनावों में डीपफेक के जरिए हस्तक्षेप की आशंका व्यक्त की गई है. रक्षा क्षेत्र में मिसाइल, ड्रोन, रॉकेट तथा न्यूक्लियर सिस्टम में एआई का उपयोग, जैविक, रासायनिक और परमाणु हथियारों का निर्माण, तथा आतंकी संगठनों द्वारा दुरुपयोग विश्व शांति के लिए खतरा बन सकता है. इसके अतिरिक्त रेल यातायात, पावर ग्रिड और टेलीकॉम जैसे क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा पर भी प्रभाव पड़ सकता है. इन जोखिमों से निपटने के लिए विशेषज्ञों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्तर पर ग्लोबल फ्रेमवर्क, कड़े कानून, सेफ्टी ऑडिट, ह्यूमन-इन-द-लूप नियंत्रण और इमरजेंसी किल स्विच जैसे सुरक्षा उपायों को लागू करने का सुझाव दिया है.