वृंदावन के विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर विवाद गहरा गया है. श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन सुगम बनाने हेतु, एक हाई पावर कमेटी ने ठाकुर जी की मूर्ति को गर्भगृह से निकालकर जगमोहन में स्थापित करने का निर्णय लिया है. इस प्रस्ताव का सेवायत गोस्वामियों का एक बड़ा वर्ग कड़ा विरोध कर रहा है. उनका तर्क है कि यह 300 साल पुरानी परंपरा का उल्लंघन है, जिसके अनुसार ठाकुर जी केवल विशेष त्योहारों पर ही गर्भगृह से बाहर आते हैं. इस मुद्दे पर संत और आध्यात्मिक गुरु भी विभाजित हैं; कुछ इसे शास्त्र विरुद्ध मानते हैं, जबकि अन्य इसे भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक बता रहे हैं. इस बहस के बीच, मंदिर में वीआईपी दर्शन समाप्त करने और एक कॉरिडोर बनाने जैसे अन्य सुधारों पर भी चर्चा चल रही है, ताकि सभी भक्तों को सुगमता से दर्शन प्राप्त हो सकें.