शादी के सीजन से पहले युवाओं में 'प्री-वेडिंग ट्रांसफॉर्मेशन' और 'इंस्टेंट वेट लॉस' का चलन तेजी से बढ़ा है. गुड न्यूज टुडे की इस विशेष चर्चा में विशेषज्ञों ने वजन घटाने के लिए अपनाए जा रहे शॉर्टकट तरीकों, जैसे वेट लॉस इंजेक्शन (Ozempic, GLP-1) और क्रैश डाइट पर गंभीर चिंता जताई है. डॉ. भट्टाचार्य और डॉ. रवि मल्होत्रा के अनुसार, बिना डॉक्टरी सलाह के इन दवाओं का उपयोग मसल मास कम कर सकता है और लिवर के लिए खतरनाक विसरल फैट जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है. आंकड़ों के मुताबिक, भारत में वेट मैनेजमेंट बाजार 2034 तक 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है. डाइटिशियन कनिका और फिटनेस एक्सपर्ट मीनल ने बताया कि 18 से 35 वर्ष के युवा बॉडी शेमिंग और सोशल मीडिया के दबाव में आकर खतरनाक मेडिकल शॉर्टकट्स चुन रहे हैं. विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि शादी से 6-12 महीने पहले प्रोटीन युक्त भारतीय डाइट, योग और जीवनशैली में बदलाव अपनाना चाहिए. संतुलित आहार और प्राकृतिक तरीके ही स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित हैं.