इस संसार में समय से परे कोई नहीं. युग बदले, दौर बदले, सनातन का मूल वही रहा, सार वही रहा लेकिन वक्त के साथ भक्ति का अंदाज़ बदलता रहा... गुरुकुल से ग्रंथों का सार निकलकर गलियों तक पहुंचा... शास्त्रों के श्लोकों ने चौपाइयों का रुप लिया. फिर यही सार गीतों और भजनों के रूप में जन-जन तक पहुंचा. लेकिन अब GEN-Z का दौर है और इस आधुनिक तौर में आज की जेनरेशन की भक्ति का माध्यम बन रहा है भजन क्लबिंग या कहें भजन जैमिंग. दिल्ली हो, गुरुग्राम, लंदन या न्यूयॉर्क हर जगह भजन कॉन्सर्ट में युवा झूमते दिखाई देते हैं.