वैश्विक संकेतों, मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सोने और चांदी के दामों में गिरावट दर्ज की गई है. एमसीएक्स पर चांदी फिसलकर दो लाख रुपये प्रति किलो के नीचे आ गई है, जबकि सोने का भाव घटकर लगभग 1,42,000 रुपये के आसपास पहुंच गया है. सर्राफा विशेषज्ञों के अनुसार, यह मंदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंडस्ट्रियल मांग में कमी और प्रॉफिट टेकिंग का नतीजा है. त्योहारी सीजन और धनतेरस के मौके पर बाजार में हल्के वजन और कम कैरेट वाले गहनों की मांग बढ़ रही है. वहीं, शेयर बाजार में एसटीटी बढ़ोतरी, टैक्स और मुद्रा अवमूल्यन के कारण दबाव बना हुआ है. बाजार विश्लेषक रवि ने वर्तमान परिस्थितियों में लॉन्ग टर्म के बजाय शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग पर ध्यान देने का सुझाव दिया है, जबकि विश्लेषक योगेंद्र कपूर ने निवेशकों को उधार लेकर या केवल शॉर्ट टर्म के लिए सोने में निवेश करने से बचने की सलाह दी है.