छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात सरकार ने एनालॉग पनीर, चीज और बटर के उत्पादन, बिक्री, भंडारण तथा परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है. बिना दूध के वनस्पति तेल, पाम ऑयल, स्टार्च और रसायनों से निर्मित यह एनालॉग पनीर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है. महाराष्ट्र में इसके उल्लंघन पर छह महीने की जेल और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है. वहीं गुजरात, भोपाल, जामनगर और राजकोट में खाद्य सुरक्षा विभाग (FSSAI) और FDCA की टीमें विशेष अभियान चलाकर अवैध स्टॉक सील कर रही हैं. विशेषज्ञों और न्यूट्रिशनिस्ट्स के अनुसार ऐसे नकली उत्पादों के सेवन से दिल की बीमारियां, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का जोखिम रहता है. असली पनीर मुलायम और प्राकृतिक खुशबू वाला होता है, जबकि एनालॉग पनीर चिपचिपा और फीका होता है. खाद्य सुरक्षा कानून (FSS Act) के तहत सही लेबलिंग, रैपिड टेस्टिंग, प्यूरिटी टेस्ट और स्ट्रीट फूड व ऑनलाइन डिलीवरी के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है.