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PM Modi की अपील: 1 साल तक सोना न खरीदें भारतीय! जानें अर्थव्यवस्था पर असर और निवेश के विकल्प

प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने और विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नागरिकों से एक वर्ष तक सोने की खरीद टालने की अपील की है. भारत प्रतिवर्ष लगभग 700 से 800 टन सोने का आयात करता है, जिससे चालू खाता घाटा (CAD) और आयात बिल पर भारी दबाव पड़ता है. वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच इस कदम को वित्तीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, सराफा बाजार और आभूषण कारोबारियों ने इस अपील से व्यापार पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता व्यक्त की है. विशेषज्ञों का सुझाव है कि सरकार को 2015 की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम को प्रभावी ढंग से लागू करना चाहिए ताकि घरों में रखा निष्क्रिय सोना बाजार में आ सके. इसके अतिरिक्त, निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड के स्थान पर गोल्ड ईटीएफ, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट जैसे विकल्पों को अपनाने पर जोर दिया गया है. घरेलू सोने के खनन और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देना भी आयात निर्भरता कम करने का एक प्रमुख समाधान बताया गया है.