उत्तर भारत समेत देशभर में अप्रैल महीने में ही भीषण गर्मी और लू का प्रकोप देखने को मिल रहा है. दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया है, जबकि बांदा और जैसलमेर में यह 46-47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विशेषज्ञ इसे 'सुपर एल नीनो' और पर्यावरण में हो रहे बदलावों का नतीजा मान रहे हैं. इस अभूतपूर्व गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, क्योंकि डिहाइड्रेशन से युवाओं में भी हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है. इसके अलावा, स्किन टैनिंग और आंखों में सूखेपन की समस्याएं भी आम हो गई हैं. केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट शुरू करने के निर्देश दिए हैं, वहीं कई राज्यों ने स्कूलों के समय में बदलाव और हीट वेव एक्शन प्लान लागू किए हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचने, भरपूर पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है.