ओडिशा के पुरी समेत देश के विभिन्न हिस्सों में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा शुरू हो चुकी है. इस पावन अवसर पर 'गुड न्यूज टुडे' 200 घंटे की महाकवरेज लेकर आया है. भारी बारिश के बीच पुरी में लाखों श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए उमड़े हैं. यात्रा से पूर्व गजपति महाराज ने सोने की झाड़ू से रथों का रास्ता साफ करने की पारंपरिक 'छेरा पहरा' रस्म निभाई. पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा क्रमशः 'नंदीघोष', 'तालध्वज' और 'दर्पदलन' रथों पर सवार होकर गुंडीचा मंदिर प्रस्थान करते हैं, जहां वे 10 दिन विश्राम करते हैं. इन रथों के निर्माण में किसी धातु या कील का उपयोग नहीं होता है. पुरी के अलावा नोएडा, दिल्ली, कोलकाता और अहमदाबाद में भी रथ यात्रा निकाली जा रही है. संतों और विशेषज्ञों ने इस पावन यात्रा से जुड़ी प्राचीन परंपराओं और इसके आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है.